गाजीपुर जिले में 33 दुर्घटना बहुल स्थान चिह्नित होने के बाद लोगों को चिकित्सकीय सुविधाएं मिलने में तत्परता आई है। दुर्घटना बहुल क्षेत्रों में 37 की संख्या में 108 एबुलेंसों की तैनाती की गई है, जो दुर्घटनाग्रस्त लोगों के लिए वरदान साबित हो रही है। दरअसल] दिसंबर, 2020 में शासन ने निर्देश दिया था कि जिले में दुर्घटना बहुल स्थानों को चिह्नित कर वहां 108 एबुलेंसों की तैनाती की जाए।
निर्देश के बाद जिले के 33 दुर्घटना बहुल स्थानों को चिह्नित किया गया और वहां 37 एंबुलेंस वाहन खड़े किए जाने लगे। इससे लोगों को काफी सहूलियत मिली। स्वास्थ्य विभाग की मानें तो विगत दो फरवरी से लेकर 14 सितंबर तक आठ महीनों में करीब 17 हजार घायलों को दुर्घटना के बाद जिला अस्पताल पहुंचाया गया। इससे घायल लोगों को समय पर इलाज मिल सका। इन एंबुलेंसों से हर महीने करीब 2125 और एक दिन में लगभग 57 घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। विभिन्न स्थानों को दुर्घटना बहुल चिह्नित कर उन्हें हॉट-स्पाट बनने के बाद वहां 24 घंटे एंबुलेंस खड़ी की जाती है। किसी तरह की हादसों की जानकारी मिलने पर एंबुलेंस तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना हो जाती है। पहले यही एंबुलेंस जिला अस्पताल में खड़ी रहती थीं। जिससे दुर्घटना स्थल पर पहुंचने में ही काफी समय लग जाता था। तब तक कई मरीजों की हालत नाजुक हो जाती थी।
इस संबंध में 108 एंबुलेंस के एरिया मैनेजर अखंड प्रताप सिंह ने कहा कि इस नई व्यवस्था से एक तरफ घटनास्थल पर पहुंचने में सहूलियत हो रही है। दूसरी तरफ घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। दुर्घटना बहुल जगहों पर खड़ी होने वाली एंबुलेंसों की मानीटरिंग भी की जाती है।