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Ghazipur News: गजलें मन को भाईं, कविताओं ने सोच में डाला

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शहर के अष्टभुजी कालोनी स्थित एक स्कूल में रविवार को राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें दो सत्रों का आयोजन हुआ जिसमें विचार सत्र और काव्य सत्र रहे । प्रोफेसर शिखा तिवारी द्वारा लिखी चार पुस्तक एक अदद शब्द के लिए, निबंध मंजूषा, लंबी कविता की जमीन और नवगीत धारा का विमोचन हुआ।
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काव्य सत्र का संचालन इंद्रजीत तिवारी निर्भीक ने काव्य पाठ के साथ किया। विशिष्ट अतिथि इतिहासकार विश्वविमोहन शर्मा ने शायरी पढ़ी और अध्यक्ष अनंत देव पांडेय ने जिंदगी क्या से क्या हो गयी है के माध्यम से जीवन की विसंगतियों को बताया। मुख्य अतिथि और राष्ट्रीय स्तर के शायर मधुर नजमी ने अपनी गजलों से खूब प्रशंसा एकत्र की।
डा. संतोष तिवारी ने नवगीतकार उमाशंकर तिवारी द्वारा लिखित प्रसिद्ध नवगीत एक अदद शब्द के लिए का पाठ किया। कवि डा. बालेश्वर विक्रम ने आध्यात्मिक कविता पढ़कर लोगों को सोचने के लिए विवश किया। एमएएच इंटर कालेज के प्राचार्य खालिद अमीर ‘गाजी’ ने एक शेर पढ़ते हुए सबको खूब चौंकाया। साहित्य चेतना समाज के संस्थापक कवि अमरनाथ तिवारी ने व्यंग्य पढ़ा।
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युवा कवि शिवशंकर शिवा ने पिता पर भावपूर्ण कविता सुनाई। गीतकार गोपाल गौरव पांडेय ने साम्प्रदायिक एकता और सौहार्द्र पर बल दिया। विशिष्ट वक्ता असिस्टेंट प्रोफेसर डा. संगीता मौर्य ने कहा कि डॉ उमाशंकर तिवारी के गीतों के क्रांति की गंध है, किसानों का दु:ख है और कविता की कोमलता है। इस मौके पर डा. माधव कृष्ण, प्रोफेसर शिखा तिवारी, पूर्व प्राचार्य चंद्रमा सिंह यादव, अनिल उपाध्याय, अध्यापक गोपाल सिंह, रमेश यादव, दूधनाथ राय, शैलेश राय, एके राय, आशुतोष गुप्ता, सहेंद्र यादव, ब्रिजेंद्र यादव, गोविंद कन्नौजिया आदि मौजूद रहे।
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