जमानिया। क्षेत्र के स्टेशन बाजार स्थित हिंदू स्नातकोत्तर महाविद्यालय में गुरुवार को महाविद्यालय के सभागार कक्ष में पीएचडी कोर्स वर्क शुभारंभ समारोह का आयोजन किया गया। इसका शुभारंभ मुख्य अतिथि डीसीएसके पीजी कॉलेज मऊ के प्राचार्य प्रो. अरविंद कुमार मिश्र एवं प्राचार्य डा. शरद कुमार ने किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. मिश्र ने शोध में साहित्यिक चोरी के संबंध में व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि शोधार्थी को साहित्यिक चोरी से बचना चाहिए और अनुसंधित्सुओं का गुणवत्तापरक शोध ही फलदाई हो सकता है। साहित्यिक चोरी को उन्होंने दंडनीय अपराध बताया और शोधार्थियों को इसके प्रति सजग रहने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम के दूसरे सत्र के आरंभ में डीसीएसके पीजी कॉलेज मऊ के एसो. प्रोफेसर डॉ. सर्वेश पांडेय ने अपने व्याख्यान में शोधार्थी के आवश्यक गुणों को बताया। कहा कि धैर्य, शोध-दृष्टि, नवीन तथ्यों के प्रति तटस्थता और प्रमाणिकता का ध्यान अच्छे शोधार्थी का गुण है। कार्यक्रम में शोध समिति के सदस्यों डॉ. विमला देवी, डॉ. शशिनाथ सिंह, डॉ. संजय कुमार सिंह ने भी विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम के अंत में सह संयोजक डॉ. अरुण कुमार ने अभ्यागतों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य डॉ. देवेंद्रनाथ सिंह, डॉ. मदन गोपाल सिन्हा, प्रदीप कुमार सिंह, मनोज कुमार सिंह, सूरज कुमार जायसवाल आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. शरद कुमार तथा संचालन कार्यक्रम-संयोजक एवं हिंदी विभाग के एसोसिएट प्रो. डॉ. अखिलेश कुमार शर्मा शास्त्री ने किया।