जिले के चौदह ब्लाकों में गोशाला निर्माण की योजना है। इसके लिए सभी ब्लाकों में ग्राम विकास अधिकारी, लेखपाल के नेतृत्व में एक कमेटी का गठन किया जाएगा, जो ग्राम समाज की जमीन चिह्नित करेगी। हर आदर्श गोशाला के लिए एक एकड़ भूमि का चयन किया जाना है। इसके बाद उसका इस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा जाएगा। धन आवंटित होते ही इसका निर्माण कराया जाएगा।
जिले में कुल 58 गो-संरक्षण स्थलों में 4214 बेसहारा गोवंश संरक्षित हैं। इसके बाद भी शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में गोवंश सड़कों पर घूम रहे हैं। इनको संरक्षित करने के लिए शासन की हर विकासखंड पर आदर्श गोशाला का निर्माण करने की योजना है। जिले के सभी विकासखंड क्षेत्रों में एक एकड़ भूमि तलाश करने की तैयारी की जा रही है। सदर, सैदपुर, देवकली, सादात, जखनिया, मनिहारी, मुहम्मदाबाद, करंडा, मरदह, जमानिया, भदौरा, रेवतीपुर, बिरनो एवं बाराचवर ब्लाक में जमीन की तलाश की जानी है। इन गोशालाओं में पशुओं को रखने की क्षमता अधिक होगी, वहीं चारे की उपलब्धता के लिए संसाधनों पर भी जोर रहेगा।