भीमापार। क्षेत्र के बुजुर्ग श्रद्धालुओं में भी बुद्धि के देवता भगवान श्रीगणेश की उपासना को लेकर जबर्दस्त उत्साह है। वे भी भगवान गणेश की पूजा का पुनीत फल प्राप्त करने में किसी से पीछे नहीं हैं। 22 तारीख को शुरू हुई गणेश प्रतिमा की स्थापना से लेकर अनंत चतुर्दशी के उनकी मूर्ति के विसर्जन के दिन तक प्रतिदिन विघ्नहर्ता की स्तुति गान कर रहे हैं। उनका कहना है कि सार्वजनिक आयोजनों के रद होने से इस बार गजानन घर-घर विराजमान हुए हैं। इस बार बाल स्वरूप में विराजने के कारण ही घरों में गणपति बप्पा का विशेष ध्यान दिया जा रहा है। क्षेत्र में कोरोना से मुक्ति के लिये भी विघ्नहर्ता की आराधना की जा रही है।