गाजीपुर। जीवनदायिनी गंगा का जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों की धुकधुकी बढ़ने लगी है। पिछले कई दशकों से गंगा में आने वाली बाढ़ तटवर्ती इलाकों में हर साल तबाही मचाती है। इस समय गंगा दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से खतरा बिंदु की तरफ बढ़ रही है। आपदा विशेषज्ञ अशोक राय के मुताबिक इस समय गंगा का जल स्तर 54.670 मीटर है। बीते वर्ष बाढ़ का उच्च जलस्तर 64.390 मीटर तक पहुंचा था, जिससे बड़ी तबाही मची थी। प्रशासनिक महकमा जलस्तर पर नजर रखे हुए है। गंगा जनपद में सैदपुर तहसील के ग्राम खरौना में प्रवेश करती है। मुहम्मदाबाद तहसील के अजईपुर में जिले की सीमा को छोड़ते हुए बलिया में प्रवेश कर जाती है। गंगा में बाढ़ आने से जिले की पांच तहसीलों में 62428 हेक्टेयर क्षेत्रफल और करीब 4 लाख आबादी प्रभावित होती है। निम्न जलस्तर की बाढ़ से 211 गांव प्रभावित होते हैं, जबकि मध्य जलस्तर की बाढ़ से 332 और उच्च जलस्तर की बाढ़ से 414 गांव प्रभावित होते हैं।