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बरसात के बाद बढ़ने लगा गंगा का जलस्तर

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गंगा का जलस्तर बढ़ने पर ट्यूब का नाव बनाकर मछली पकड़ते बच्चे। - फोटो : GHAZIPUR
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गाजीपुर। पिछले दिनों से हो रही लगातार बारिश के चलते गंगा के जलस्तर में थोड़ी बढ़ोतरी हो रही है। इसके चलते तटवर्ती गांवों के लोगों में भय होने लगा है। जिले में गंगा समेत कुल नौ नदियां बहती है। इसमें सबसे बड़े भू-भाग में गंगा नदी जो जिले के सात में पांच तहसील क्षेत्रों से हो कर गुजरती है। इसके तट पर करीब सात सौ से अधिक गांव है जो बाढ़ की चपेट में आ जाते है। जिले के गंगा के खतरे की बिंदु 63.105 मीटर है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार बृहस्पतिवार को दोबहर तक गंगा का जल स्तर करीब 54.00 मीटर तक पहुंच गया है।
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जनपद से होकर गुजरने वाली गंगा नदी में जब उफान आता है तो इसका असर इसकी सहायक नदियों पर भी पड़ता है। सहायक नदियों में गोमती, टोंस, कर्मनाशा, बेसो, मंगई, गांगी, भैसहीं, उदंती आदि शामिल हैं। लगातार बरसात के बाद इन सभी के जलस्तर में हल्की, फुल्की तेजी दिखाई दे रही है। जो नदियां करीब सूख चुकी थी उनमें पानी दिखाई देने लगा है। जमानिया संवाददाता के अनुसार तटवर्ती इलाके के लोगों की धुकधुकी बढ़ने लगी है। हर साल बारिश और बाढ़ की वजह से नुकसान होता है। हालांकि अभी खतरा काफी दूर है लेकिन लगातार बरसात ने थोड़ी मुश्किल बढ़ा दिया है। औड़िहार संवाददाता के अनुसार उधर पहाड़ी क्षेत्रों में अनवरत वर्षा के चलते यहां गंगा के जलस्तर में हल्की वृद्धि दिखाई देने लगी है। अभी तक तलहटी में बह रही गंगा का अस्तित्व अब घाटों पर दिखाई देने लगी है। गंगा के बढ़ाव से तटवर्ती इलाके में की गई हरी सब्जी आदि की खेती नष्ट होने का खतरा बढ़ता जा रहा है। किनारे के निवासी बाढ़ के संकेत मिलते ही सतर्क हो गए हैं। बाढ़ आपदा प्रबंधन के अशोेक राय ने बताया कि बरसात के बाद जलस्तर में तेजी आती है, अभी खतरे की कोई बात नहीं है।
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