गाजीपुर। गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। अचानक गंगा का रौद्र रूप देखकर तटवर्ती इलाकों के ग्रामीण सहम गए हैं। शनिवार को सुबह 10 बजे से गंगा के जलस्तर का बढ़ाव 10 सेमी प्रति घंटे की रफ्तार पर पहुंचा। इस सीजन में यह पहली बार ऐसा हुआ है कि गंगा का जलस्तर इतनी तेजी से बढ़ रहा है। गंगा चेतावनी बिंदु पार कर चुकी है। चेतावनी बिंदु 61.550 मीटर है। जबकि गंगा का वर्तमान जलस्तर 61.560 मीटर है।
शुक्रवार की शाम गंगा का जलस्तर तीन सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा था। चार बजे के बाद यह रफ्तार दो सेमी प्रति घंटे हो गई थी। लेकिन, रात करीब दो बजे अचानक गंगा का जलस्तर 15 सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ने लगा। सुबह दस बजे गंगा का जलस्तर 60.800 मीटर दर्ज किया गया। दोपहर एक बजे गंगा का जलस्तर 61.160 मीटर दर्ज किया गया। जबकि शाम पांच बजे गंगा का जलस्तर 61.560 मीटर दर्ज किया गया। जिस तेजी संग गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है, उससे आने वाले 24 घंटे काफी अहम होने वाले हैं। यदि इसी रफ्तार से गंगा का जलस्तर बढ़ता रहा तो जनपद के निचले क्षेत्रों में तबाही मचना तय है। सबसे पहले रेवतीपुर क्षेत्र के निचले इलाके नसीरपुर, अठहठा, दुल्लहपुर, रामपुर, नगदीलपुर आदि क्षेत्र बाढ़ का दंश झेलेंगे। वहीं गंगा चेतावनी बिंदु को लांघ चुकी है। चेतावनी बिंदु 61.550 मीटर है। जबकि गंगा का वर्तमान जलस्तर 61.560 मीटर है।
गंगा में बह गईं तीन नावें, छह मंडा भूमि नदी में समाई
भांवरकोल। स्थानीय विकास खंड क्षेत्र के शेरपुर के मौजा मुबारकपुर से लेकर गहमर सीवान तक शुरू हुए कटान के कारण छह मंडा खेत की भूमि गंगा में विलीन हो गया। इससे ग्रामीण डरे हैं। ग्रामीणों को आशंका है कि कटान बढ़ने के कारण और भी कृषि योग्य भूमि गंगा में समा जाएगा। दो दिन पूर्व गंगा किनारे खड़ी तीन नावें बह गई थीं। इनका अभी तक पता नहीं चला।
डूबीं घाटों की सीढि़यां
औड़िहार। गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण निचले इलाकों के लोग परेशान हो उठे हैं। नगर में गंगा के सभी घाट पानी में डूब गए हैं। जिन गांवों में बाढ़ का खतरा है, उनमें कुसही, खरौना, पटना, सिधौना, सूरजभान चक, शादी भादी, औड़िहार, रामतवक्का, जौहरगंज, कोल्हुवाटोला, आरजीगंज, मलहियाटोला, गाय घाट, फुलवारी टोडरपुर, धरवा, दुबैठा रामपुर माझा, बंतरिया, मंझरिया, चकेरी, धरम्मरपुर, नारीपचदेवरा आदि शामिल हैं।