गंगा के पानी में डूबा औड़िहार स्थित वराह घाट। संवाद
गाजीपुर। गंगा नदी एक बार फिर से बढ़ाव पर है। तीसरी बार चेतावनी बिंदु 62.100 मीटर को पार करके खतरे के निशान की ओर बढ़ रही है। गंगा का जलस्तर 62.750 मीटर दर्ज किया गया। 2 सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। इससे तटवर्ती सहमे हैं। यह जानकारी आपदा विभाग के विशेषज्ञ अशोक कुमार राय ने दी। बताया कि गंगा का जलस्तर धीरे-धीरे खतरा के निशान की ओर बढ़ रहा है। उधर, गंगा का बढ़ता जलस्तर तटवर्तियों को डरा रहा है। जनपद के बाढ़ प्रभावित गांवों के लोग दो बार बाढ़ का दंश झेल चुके हैं। अब तीसरी बार बाढ़ आने की आशंका से वह चिंतित हैं। तटवर्ती इलाकों के लोगों का कहना है कि दो बार के बाढ़ में काफी नुकसान हो चुका है। यहां तक कि पशुओं का चारा तक बर्बाद हो चुका है। पशुओं के लिए चारे का इंतजाम करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। तीसरी बार इसकी पुनरावृत्ति हुई तो पूरी कमर टूट जाएगी। 6 सितंबर को 2 सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से गंगा का जलस्तर बढ़ाव पर था। गंगा का जलस्तर 62.270 मीटर था। जनपद में रेवतीपुर, नसीरपुर, अठहठा, वीरऊपुर, हसनपुरा, रामपुर, औड़िहार, पटना, शादीभादी, चकेरी, गोपालपुर, फुलवारी, फुलवारी कला आदि गांव निचले इलाके में आते हैं। बाढ़ आने पर सबसे पहले यही गांव प्रभावित होते हैं।