गंगा के जलस्तर में शुक्रवार को एक सेंटीमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से वृद्धि जारी रही। शाम में गंगा का जलस्तर 61.690 मीटर दर्ज किया गया जबकि खतरे का निशान 63.105 मीटर है। वहीं दूसरी तरफ गंगा में बढ़ाव को
देख मुहम्मदाबाद, जमानिया, करंडा और सैदपुर के तटवर्ती इलाकों के लोगों में दहशत है। गंगा के किनारे की अधिकतर फसल डूब चुकी है। लोग परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं।
गंगा के जलस्तर में शुक्रवार की देर शाम बढ़ाव जारी रहा। वहीं जलस्तर बढ़ने की रफ्तार सुबह 6 बजे से 1 सेमी प्रतिघंटा दर्ज किया गया। जिसका क्रम देर रात तक चलता रहा। दो दिनों से लगातार बढ़ रहे जलस्तर का
रफ्तार 6 सेमी प्रतिघंटा बना हुआ था। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गंगा का जलस्तर 61.690 मीटर दर्ज किया गया। शुक्रवार की देर शाम के आंकड़ों के हिसाब से गंगा खतरे के निशान से 1.415 मीटर नीचे बह रही थी।
बढ़ाव जारी रहने के चलते मुहम्मदाबाद तहसील के गौसपुर, सुल्तानपुर, हरिहरपुर, तिवारीपुर, बच्छलपुर, सेमरा, शेरपुर और वीरपुर गांव के लोग बाढ़ की आशंका से चिंतित हो गए हैं। वहीं गंगा के किनारे शहर के सटे हुए क्षेत्रों के
खेतों में गंगा का पानी घुस गया है। जिससे किसानों की फसल डूब गई है। अगर गंगा का बढ़ाव इसी तरह से जारी रहा तो बहुत जल्द गंगा का पानी शहर सहित जिले के कई तटवर्ती इलाकों में घुस सकता है।