पुलिस लाइन के पास 26 बीघे भूमि पर अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है।
कैबिनेट से मंजूरी मिलने और राज्यपाल की स्वीकृति मिलने के बाद सोमवार को जिलाधिकारी की तरफ से राजस्व विभाग की जमीन की रजिस्ट्री कराकर जमीन खेल विभाग को मुहैया करा दी गई।
अब जल्द ही नक्शा और इस्टीमेट बनाकर बजट उपलब्ध कराने के लिए शासन को भेजा जाएगा। सब कुछ ठीक रहा तो बहुत जल्द ही अंतरराष्ट्रीय स्तर के निर्माण की कवायद शुरू हो जाएगी।
शहर के गोराबाजार के पास दशकों पहले नेहरू स्टेडियम का निर्माण कराया गया था। करीब साढ़े तीन एकड़ में बने इस स्टेडियम में ट्रैक एंड फील्ड के कई इवेंट, फुटबाल और क्रिकेट के आयोजन में कठिनाई उत्पन्न होती थी।
ऐसे में नए स्टेडियम के निर्माण की जरूरत महसूूस की जा रही थी। नए स्टेडियम के लिए पुलिस लाइन के पास खाली पड़ी 6.310 हेक्टेयर (26 बीघा) जमीन पर स्टेडियम के निर्माण के लिए खेल विभाग की तरफ से
प्रस्ताव तैयार कर शासन के पास भेजा गया। इसके बाद यह मामला काफी समय तक ठंडे बस्ते में पड़ा रहा।
इसी क्रम में खिलाड़ियों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए प्रदेश के धर्मार्थ कार्यमंत्री विजय मिश्र ने
स्टेडियम निर्माण का मामला फिर से उठाया। आखिरकार उनका प्रयास रंग लाया। कुछ सप्ताह पहले लखनऊ में हुई कैबिनेट की बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी गई।
कैबिनेट से मंजूरी मिलने और इसके बाद राज्यपाल की स्वीकृति मिल जाने के बाद सोमवार को जिलाधिकारी नरेन्द्र सिंह पटेल की तरफ से राजस्व विभाग की जमीन की रजिस्ट्री कराकर उसे खेल विभाग को उपलब्ध करा दी गई।
जमीन उपलब्ध होने की बड़ी बाधा पार हो जाने के बाद अब अंतरराष्ट्रीय स्तर के नवीन स्टेडियम के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। जल्द ही नक्शा और इस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा जाएगा। बजट उपलब्ध होते ही स्टेडियम निर्माण का कार्य शुरू हो जाएगा। मालूम हो कि प्रदेश के कुछ जिलों में ही इस श्रेणी के स्टेडियम हैं।