जिला कारागार में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की पूर्ण कालिक सचिव कामायनी दूबे ने शनिवार को शिविर का आयोजन एवं जेल का निरीक्षण किया । बंदियों से नि:शुल्क अधिवक्ता, जेल लोक अदालत एवं उनकी जेल अपील से संबंधित अन्य समस्याएं पूछी एवं उनके अधिकार के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिया।
बंदियों को उनके संवैधानिक अधिकारों के विषय में विस्तृत जानकारी दी। जेल अधीक्षक ने बताया कि वर्तमान में कुल 1130 बंदी निरूद्ध है। जिसमें 1022 पुरूष, 43 महिला बंदियों के साथ कुल तीन बच्चे निरूद्ध है और 65 अल्पवयस्क है। सुबह का नाश्ता-चना, चाय, दोपहर का भोजन-रोटी, चावल, अरहर की दाल, सब्जी, शाम का भोजन-रोटी, चावल, चना की दाल, सब्जी दिया जाता है।
सचिव ने पुरूष एवं महिला बैरक का भी निरीक्षण किया गया और जेल के कई बंदियों से बात कर उनकी समस्याओं को समझने के साथ ही उनके निस्तारण का निर्देश दिया। सचिव ने कारापाल को जिला कारागार में स्थित जेल लीगल क्लीनिक पर विशेष रूप से ध्यानदेने के निर्देश दिए ताकि जेल में निरूद्ध बंदियों को समय से एवं समुचित विधिक सहायता प्राप्त हो सके। बैरक एवं कारागार परिसर में साफ-सफाई, मच्छरों के बचाव के लिए छिड़काव के लिए कहा। इस अवसर पर कारापाल रविंद्र सिंह यादव एवं उप करापाल कमलचंद उपस्थित रहे।