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घर-घर जाकर मास्टर साब जोड़ेंगे बच्चों से भावनात्मक लगाव

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घर हो या स्कूल, बच्चे रचनात्मक तरीके से तभी कुछ सीख पाते हैं। जब वे सिखाने वाले से अपनापन महसूस करें। इसीलिए बच्चों व शिक्षकों के बीच कुछ ऐसा ही लगाव व अपनापन उत्पन्न करने की पहल प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में शुरू कर दी गई है। इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने अगस्त के दूसरे पखवारा से लेकर दिसंबर के पहले पखवारे तक शिक्षक-विद्यार्थी संबंद्ध अभियान की कार्य योजना भी तय कर दी है।
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जनपद के 2269 परिषदीय विद्यालयों में लगभग साढ़े तीन लाख बच्चे अध्ययनरत हैं। परिषदीय तथा सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे विद्यालयी वातावरण के दौरान भी सहज रह सकें। इसके लिए उन्हें भावनात्मक रूप से तैयार करने की जिम्मेदारी भी शिक्षकों को सौंपी गई है। इसके लिए विद्यालयों में विद्यालय प्रबंध समिति का गठन भी कर दिया गया है। लेकिन इसके उत्साह जनक परिणाम सामने नहीं आ पा रहे हैं। इसके पीछे अभिभावकों का भावनात्मक रूप से विद्यालय से न जुड़ना भी एक कारण बताया जा रहा है।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि शिक्षक-विद्यार्थी संबंध अभियान की कार्य योजना इस तरह तैयार की गई है। जिसमें शिक्षकों का विद्यार्थियों के घर जाना और अभिभावकों को स्कूल बुलाना जरूरी किया गया है। नए दिशा निर्देशों के तहत शिक्षक बच्चों की जिज्ञासा को दूर करेंगे। समस्याओं को हल करने तथा क्षमता विकास के लिए रचनात्मक माहौल बनाएंगे। विद्यालय व शिक्षक के बीच सार्थक व स्वस्थ संबंध स्थापित करेंगे। बेसिक शिक्षा विभाग ने इसके लिए साप्ताहिक गतिविधियां भी तय कर दी हैं। छात्र छात्राओं को इस तरह पढ़ाया जाएगा कि उन्हें एक टीम के रूप में कार्य करेंगे।
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शिक्षक-विद्यार्थी संबंध अभियान के तहत शिक्षक घर-घर जाकर बच्चों व अध्यापकों से भावनात्मक रूप से जुड़ेंगे। जिससे आने वाले समय में बच्चों को लाभ मिल सकेगा।
-हेमंत राव, बीएसए
होंगी प्रतियोगिताएं, मिलेंगे इनाम
बेसिक शिक्षा महानिदेशक की पहल पर शिक्षक विद्यार्थियों के घर का भ्रमण करेंगे। उनके बीच प्रतियोगिता कराएंगे। स्कूल में प्रदर्शनी व मेले लगेंगे। नुक्कड़-नाटक, कहानी आदि रोल प्ले करवाना होगा। पत्र लेखन और कला पेंटिंग भी कराना होगा। बच्चों से कराए गए कार्यों को माता-पिता से साझा किया जाएगा। प्रधानाचार्य को शिक्षकों की गतिविधियों को प्रेरणा एक्टिविटी माड्यूल पर अपलोड करना होगा। इस कार्य में शिक्षकों को डाइट मेंटर व एआरपी भी सहयोग करेंगे। वही बेहतर कार्य करने वाले शिक्षकों को पुरस्कृत भी किया जाएगा।
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