जिले के किसानों ने परंपरागत खेती के बजाए आधुनिक और ऑर्गेनिक खेती कर मुनाफा कमा रहे हैं। खासकर सब्जी की खेती के प्रति किसानों का रुझान अधिक बढ़ा है, जिससे उनकी आय भी बढ़ी है। ऑर्गेनिक और आधुनिक खेती कर उपजाई गई सब्जी को देश के साथ ही विदेशों में भी निर्यात कर लागत से पांच गुना अधिक कमाई कर रहे हैं।
करीमुद्दीनपुर निवासी पंकज राय, जोगा मुसाहिब के डा. रामकुमार राय, अवथही के दिवाकर राय, जितेंद्र राय, अप्पू राय, मनीष राय सहित दर्जनों किसान पहले परंपरागत खेती करते थे, लेकिन इसमें लाभ न मिलने के चलते उन्होंने पिछले चार सालों से आधुनिक खेती करना शुरू किया है। किसान पंकज राय अपने खेतों की सब्जी लंदन और सऊदी अरब तक भेजकर गाजीपुर के बाजार की कीमत के सापेक्ष पांच गुना ज्यादा मुनाफ कमा रहे हैं।
इन्होंने अपने 10 एकड़ रकबे के खेत में इस समय ऑर्गेनिक खेती करके लौकी, बिना बीज का खीरा, स्ट्रॉबेरी, लाल, पीला, हरा शिमला मिर्च, गोभी, टमाटर, लाल भिंडी, पपीता, लतरा सहित कई सब्जियां उगाई हैं। कोरोना कॉल के दौरान भी इन्होंने अपनी सब्जियों को विदेश भेजा। किसान पंकज राय ने बताया कि साल 2020 में जब लॉकडाउन में लोगों का व्यवसाय बंद हो गया था। उस समय गाजीपुर के किसान अपनी फसलों का उचित मूल्य नहीं मिलने के चलते फसलों को ट्रैक्टर से रौंद रहे थे। उस दौरान लौकी और खीरा को एपीडा (कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण) के माध्यम से सऊदी अरब और लंदन भेजकर कीर्तिमान स्थापित किया। इस काम को करने में उनको उद्यान विभाग और कृषि विभाग का भी सहयोग मिलता है। इसके साथ ही वे सोशल प्लेटफॉर्म से भी आधुनिक खेती के बारे में जानकारी लेते रहते हैं। इसी जानकारी के तहत उन्होंने स्ट्रॉबेरी की खेती शुरू की और आज एक फसल काटने के बाद स्ट्रॉबेरी की दूसरी खेती भी कर रहे हैं। इस समय लाल, पिला और हरा शिमला मिर्च और खिरा निकल रहा है, जिससे वह अच्छी कमाई कर रहे हैं।
पहले परंपरागत खेती करता था। जिसमें लागत भी नहीं निकल पाती थी। एक एकड़ पाली हाउस में आर्गेनिक विधि से खीरा, नेनुआ, भिंडी, शिमला मिर्च की पैदावार कर रहे हैं। स्थानीय बाजार में मांग ज्यादा है, वही इसमें लागत से ज्यादा मुनाफा है।
- पंकज राय, करीमुद्दीनपुर
केला की खेती से आज क्षेत्र के कई किसान जुट गए हैं। पूर्व में परंपरागत खेती से घाटे का सौदा होता था। अब किसान केले की खेती कर रहे हैं, उन्हें मुनाफा तो मिल रहा है साथ में अत्याधुनिक खेती के तरफ भी बढ़वा भी मिल रहा है। - दिवाकर राय, अवथही
अब किसानों को प्रशिक्षित करने के साथ उन्हें खेती के विषय में नई-नई जानकारियां भी दी जा रही हैं। खेती के तरीके भी बदल गए हैं। अब सोच में जहां परिवर्तन आ चुका है। वहीं अत्याधुनिक खेती की तरफ किसान अग्रसर हो चुके हैं। - बृजेश राय, नेवादा
किसान अब अत्याधुनिक खेती की बढ़ गए हैं। किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार को आगे आना चाहिए। सम्मानित करने के साथ किसानों की समस्याओं को भी प्राथमिकता के तौर पर निस्तारित करना चाहिए। - सुखराम तिवारी, असावर