शहर के गोराबाजार स्थित मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डेंगू वार्ड में भर्ती मरीज। संवाद
गाजीपुर। सूरत, दिल्ली और सिकंदराबाद से डेंगू की चपेट में आए मरीजों का उपचार महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चल रहा है। इस समय में डेंगू वार्ड में चार मरीज भर्ती है। एलाइजा टेस्ट के लिए ब्लड सैंपल गया है। रोज आठ से दस यूनिट प्लेटलेट्स की खपत हो रही है। अप्रैल से अब तक डेंगू के 14 मरीज मिले हैं।बरसात के मौसम और तापमान में उतार-चढ़ाव लोगों की सेहत पर असर डाल रहा है। खासकर डेंगू जैसे बीमारी भी धीरे-धीरे पांव पसार रही है। हालांकि जनपद में डेंगू के मरीजों की संख्या काफी कम है। अधिकांश मरीज गैर जनपद और प्रांत से डेंगू से पीड़ित होकर घर पहुंच रहे हैं। परिजन उन्हें मेडिकल कॉलेज अस्पताल लेकर पहुंच रहे हैं। वहां उन्हें भर्ती कर उपचार किया जा रहा है। मरीजों का प्लेटलेट्स दस से 12 हजार की बीच रह रहा है। प्राचार्य प्रोफेसर आनंद मिश्रा ने बताया कि मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डेंगू वार्ड में भर्ती होने के बाद उन्हें नि:शुल्क प्लेटलेट्स आसानी से मिल जा रहा है, जिससे उपचार के बाद स्वस्थ होकर घर पहुंच रहे हैं। प्राचार्य ने बताया कि जिन मरीजों का जांच में रिपोर्ट संदिग्ध आ रही है तो उन्हें भर्ती करने के साथ ब्लड सैंपल एलाइजा टेस्ट के लिए भेजा जाता है। वहां से रिपोर्ट आने के बाद डॉक्टरों की निगरानी में उपचार शुरू हो जा रहा है। वर्तमान समय में डेंगू में चार मरीज भर्ती हैं, जिसमें तीन मरीज गैर प्रांतों से बुखार पीड़ित होकर घर पहुंचे हैं, जहां से परिजनों ने अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं एक महिला का उपचार भी चल रहा है। एलाइजा टेस्ट के बाद ही डेंगू की पुष्टि हो पाएगी।
24 घंटे खून और प्लेटलेट्स की मिल रही सुविधा-गाजीपुर। महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल में स्थापित ब्लड बैंक में 24 घंटे खून और प्लेटलेट्स सुविधा मिल रही है। प्राचार्य ने बताया कि पूर्व में प्लेटलेट्स न मिल पाने की स्थिति में डेंगू पीड़ित मरीजों को उपचार के लिए निजी अस्पतालों एवं गैर जनपदों एवं प्रांतों तक भागदौड़ करनी पड़ती थी। प्लेटलेट्स की सुविधा शुरू होने से जनपद ही नहीं सटे जिले और गैर प्रांत से भी मरीज उपचार को पहुंच रहे हैं।