दुल्लहपुर। अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन एवं उत्तर प्रदेश किसान सभा के कार्यकर्ताओं ने जखनिया स्थित कार्यालय से बुधवार की सुबह जुलूस निकाला। तहसील परिसर पहुंचकर धरना दिया। इस मौके पर आयोजित सभा में माकपा के वरिष्ठ नेता विजय बहादुर सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार देश को कॉरपोरेट घरानों के हाथों में गिरवी रखने पर आमादा है। चार श्रम संहिताएं श्रमिकों के अधिकारों का हनन हैं। इन्हें तत्काल रद्द कर 2004 के श्रम कानून को पुनः लागू किया जाए।
उन्होंने कहा कि मनरेगा में बजट बढ़ाकर 2.5 लाख करोड़ किया जाए। न्यूनतम मजदूरी 600 प्रतिदिन निर्धारित हो और 200 दिन रोजगार मिले। आधार आधारित भुगतान प्रणाली बंद की जाए। जिला सचिव मारकंडेय प्रसाद ने भूमिहीनों को आवास और खेती योग्य भूमि देने की मांग करते हुए कहा कि आवास योजना में मिलने वाली राशि पांच लाख की जाए। साथ ही पुराने समय से रह रहे परिवारों को उजाड़ने की कार्रवाई तत्काल रोकी जाए। उन्होंने स्मार्ट मीटर और बिजली निजीकरण का विरोध करते हुए इसे ग्रामीण-शहरी जनता पर अत्याचार बताया। अंत में राष्ट्रपति और राज्यपाल को संबोधित 15 सूत्री मांगपत्र उप जिलाधिकारी रवीश गुप्ता को सौंपा। धरना में किसान सभा के संयोजक जोगेंद्र यादव, वीरेंद्र कुमार गौतम, रामअवध, सामू राम, तूफानी यादव, शांति देवी, सुनीता, रिंकी, संतोष कुमार, सुरेंद्र भारती, मंशा, मुन्नी, गीता, तेतरी, लक्ष्मीनाथ, राजमती सहित कई लोग मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन विनोद यादव ने किया।