के बीच मेला की चंचलता रात करीब साढ़े 12 बजे शांत हो गई, जब चारों भाइयों का मिलन हुआ। जैसे-जैसे रात होती गई, वैसे-वैसे भरत मिलाप देखने के लिए श्रद्धालुओं के पांव भी सकलेनाबाद मुहल्ले के लिए बढ़ते गए। आठ बजते-बजते मेला स्थल पूरी तरह लोगों से पट गया। रात साढ़े 12 बजे जैसे ही लोगों के कानों में बाजा आवाज पहुंची और भगवान राम रथ पर आते दिखाई दिए, लोग खुशी झूम उठे। भगवान राम, लक्ष्मण और हनुमान जैसे ही रथ से उतरकर मंच पर पहुंचे, मानों मेले की चंचलता पूरी तरह से शांत हो गई, जो जहां था वहीं रुक गया। सबकी निगाहे चारों भाइयों पर पूरी तरह से टिक गई। कार्यक्रम को सफल बनाने में रामलीला कमेटी के अध्यक्ष दीनानाथ गुप्ता, ओमप्रकाश तिवारी, लवकुमार त्रिवेदी, बीरेश राम वर्मा आदि का सहयोग रहा।