शहर को अतिक्रमण और जाम की समस्या से मुक्ति दिलाने के लिए शुक्रवार को तीसरे दिन भी अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। मिश्रबाजार तिराहे से शहर कोतवाली तक बुल्डोजर चला और अवैध निर्माण ढहाए गए।
अभियान के चलते इस अति व्यस्त क्षेत्र में दिन में अफरातफरी मची रही। व्यापारियों ने अतिक्रमण हटाने में भेदभाव करने और चिह्नित स्थान से अधिक तोड़फोड़ करने का आरोप प्रशासन पर लगाया।
शहर में अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत तीसरे दिन शुक्रवार को उपजिलाधिकारी सदर नेहा प्रकाश की देखरेख में अतिक्रमण हटाओ अभियान चला। इसकी शुरुआत मिश्र बाजार तिराहे से की गई। इस दौरान सड़क की पटरियों पर
किए गए अतिक्रमण को हटाया गया। बोर्ड, टिनशेड के साथ ही नाली पर किए गए पक्के निर्माणों को तोड़ा गया। अतिक्रमण हटाओ दस्ते को देख कर हड़कंप मच गया दूकानदार जल्दी-जल्दी अपना टिनशेड, बोर्ड हटाने में जुट गए।
कुछ दूकानदारों ने अपनी दूकान के सामने लगाए गए सामानों को पहले ही हटा लिया था। एक घंटे से ज्यादा समय तक चले अभियान में मिश्रबाजार से कोतवाली तक सड़क की पटरी को अतिक्रमण मुक्त कराया गया।
कुछ दूकानदारों ने जिला प्रशासन की कारवाई को गलत ठहराया। उनका कहना था कि नाली से हटकर बनाए गए फर्श को भी तोड़ दिया जा रहा है। चिह्नित स्थान से ज्यादा अतिक्रमण हटाया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन के साथ-साथ
व्यापार मंडल के पदाधिकारियों पर भी नाराजगी जताई। कुछ दूकानदारों और बाजार में रहने वालों की अधिकारियों से बहस भी हुई लेकिन उनकी एक नहीं चली। अभियान में नगर पालिका परिषद के प्रशासक एके सिंह, क्षेत्राधिकारी वेद प्रकाश सिंह, प्रभारी निरीक्षक शहर कोतवाली केके मिश्र, कर अधीक्षक विजय शंकर आदि शामिल रहे।