फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ghazipur News: 150 वर्षों से शरद पूर्णिमा को होता है रावण के पुतले का दहन

विज्ञापन
विज्ञापन
भांवरकोल। जनपद में भले ही 65 स्थानों पर दशहरा को रावण का पुतला दहन किया गया, लेकिन क्षेत्र के सोनाड़ी गांव में शरद पूर्णिमा के दिन ही रावण के पुतला दहन की परंपरा करीब 150 वर्ष से चली आ रही है। इस बार क्षेत्रवासी मंगलवार को शरद पूर्णिमा मना रहे हैं। इस दिन 20 फीट ऊंचे रावण का पुतला दहन किया जाएगा। इसके बाद तीन दिवसीय दशहरा मेला का आयोजन किया जाएगा। यह जानकारी मेला प्रबंधक शशिकांत तिवारी ने दी। उन्होंने बताया कि सोनाड़ी गांव के खेल मैदान में दशहरा मेला का आयोजन किया जाएगा। परंपराओं का निर्वहन करते हुए पहले राम-रावण युद्ध होगा। इसके बाद रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। बताया कि 15 दिन से 20 फीट लंबा रावण का पुतला स्थानीय कलाकारों ने तैयार किया है। रावण के पुतले का दहन करने के बाद विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। मेले में सोनाड़ी गांव के अलावा अवथहीं, रेवसड़ा, कुंडेसर, चांदपुर, बेलसड़ी, जोगा, लौवाडीह, गोड़ी, खैराबारी, लोचाईन, दहिनवर, सुखडेहरा, पखनपुरा, रानीपुर, जसदेवपुर, कठार, वीरपुर, मनिया मिर्जाबाद, मांचा, धनेठा, कनुवान, मुर्तजीपुर, मलिकपुरा आदि गांवों के लोग पहुंचते हैं। इसमें सबसे अधिक संख्या बच्चों, महिलाओं व युवाओं की होती है। मेले में प्रतिदिन शाम को 25 से 30 हजार की संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। मेले में मिठाई, चौकी, शृंगार की दुकानें विशेष आकर्षण का केंद्र रहती हैं। लोग मेले का लुत्फ उठाने के साथ ही खरीदारी भी करते हैं। इसको लेकर क्षेत्र के दुकानदार मेला स्थल पर पहुंचना शुरू कर दिए हैं। मेला प्रबंधक शशिकांत तिवारी ने बताया कि मेले की तैयारी पूरी कर ली गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें