मरदह। वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन मार्ग पर बुधवार की देर शाम घने कोहरे ओर दृश्यता कम होने से बाइक सवार दो युवक पहले से खड़े एक डंपर से जा भिड़े। हादसे में दोनों युवकों की मौत हो गई। इस भीषण सड़क हादसे ने मटेहूं गांव के दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। हादसे में दो युवकों की मौत से गांव में मातम छा गया, वहीं दोनों परिवारों में कोहराम मच गया। दोनों मृतक अपने-अपने परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे, जिससे अब परिजनों के सामने जीविकोपार्जन का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। मटेहूं के ग्राम प्रधान राधेश्याम सिंह यादव ने बताया कि मरदह थाना क्षेत्र के मटेहूं गांव निवासी गुलशन यादव (23) और जितेंद्र राजभर (32) प्रतिदिन की तरह मऊ जिले के ताजोपुर स्थित औद्योगिक क्षेत्र में मजदूरी कर बुधवार की शाम मोटरसाइकिल से घर लौट रहे थे। वे थाना सरायलखंसी क्षेत्र के बढ़ुआ गोदाम चट्टी के पास पहुंचे थे। इसी दौरान सड़क पर पहले से खड़े एक डंपर में पीछे से उनकी बाइक जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया कि हादसे के वक्त फोरलेन मार्ग पर घना कोहरा था, जिससे दृश्यता कम हो गई थी। इससे बाइक सवार युवक खड़े डंपर को देख नहीं सके। घायलों को जिला अस्पताल मऊ ले जाया गया, जहां देर रात दोनों की मौत हो गई।
दस साल की दोस्ती, एक साथ मजदूरी, एक साथ मौत-गुलशन यादव और जितेंद्र राजभर के बीच बीते दस वर्षों से गहरी दोस्ती थी। दोनों साथ-साथ मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते थे। घटना वाले दिन भी दोनों ताजोपुर औद्योगिक क्षेत्र से काम कर एक ही मोटरसाइकिल से लौट रहे थे। बाइक जितेंद्र की थी, जिसे गुलशन चला रहा था। बढ़ुआ गोदाम चट्टी के पास खड़े डंपर से टकराने के बाद दोनों की जिंदगी एक ही हादसे में खत्म हो गई।
20 दिन पहले जन्मी बेटी को करता रहा याद -गुलशन की शादी महज दो साल पहले हुई थी। बीस दिन पहले ही उसकी पत्नी सुधा देवी ने एक बेटी को जन्म दिया था। परिवार में खुशी का माहौल था। बृहस्पतिवार को ही बटी की सतइसा पूजा थी। हादसे के बाद आखिरी समय तक वह अपनी बेटी को याद करता रहा। उसकी मौत से घर पर होने वाले मांगलिक कार्य अमंगल में बदल गया। जवान बेटे की मौत से माता जयमूर्ति देवी, पिता सीताराम यादव और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। पत्नी बार-बार अपनी नवजात बेटी को देखकर बेसुध हो जा रही थी।
परिवार का एक मात्र सहारा था जितेंद्र-वहीं दूसरे मृतक जितेंद्र राजभर अपने परिवार के भी एकमात्र सहारा थे। उनके दो छोटे बच्चे सुजीत (7) और सुमित (5) हैं। पत्नी पार्वती देवी, माता कालिंदी देवी और पिता नंदलाल राजभर बेटे और पति की मौत से सदमे में हैं। घर में हर ओर चीख-पुकार और मातम पसरा है। दोनों युवकों की असमय मौत से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। परिजनों को सांत्वना देने के लिए गांव और आसपास के क्षेत्रों से हजारों लोग उनके घर पहुंच रहे हैं।