गाजीपुर।
सुबह सो कर उठे लोगों को एकबारगी विश्वास ही नहीं हुआ कि वे अलसुबह उठ गए
हैं या फिर घना कोहरा छाया है। कई बार घड़ी देखी तब जाकर समझ में आया कि
वे अपने समय से ही उठे हैं
और उनके सामने कोहरे की मोटी चादर तनी है। ऐसा
एक-दो लोगों के साथ नहीं बल्कि कई लोगों के साथ हुआ। दरअसल अभी तक जिला
कोहरे की चपेट में नहीं आया था।
गुरुवार को पहले ही दिन सुबह के 10 बजे तक
कोहरा लोगों के लिए रोमांच के साथ-साथ परेशानी की वजह भी बना। आम जनजीवन
जहां अलसाया रहा वहीं सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए। कोहरे का असर कई
ट्रेनों के संचालन पर भी पड़ा।
ठंड का प्रभाव धीरे-धीरे अब बढ़ रहा है।
गर्म कपड़ों और धूप रूटीन जीवन में शामिल हो चुकी है। जैसे-जैसे शाम ढल रही
है, वैसे-वैसे ठंड का प्रभाव भी बढ़ता जा रह है। शहर में भले ठंड का
प्रभाव कुछ कम है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में इसका असर दिखने लगा है।
हालांकि अभी तक कोहरे का असर नहीं दे रहा था,
लेकिन बुधवार की रात से मौसम
का मिजाज बदल गया। आधी रात के बाद अचानक कोहरे की चादर तन गई। गुरुवार को
दिन में 10 बजे तक कोहरे का प्रभाव बना रहा। कोहरे के कारण भोर में जहां
ठंड असरदार दिखी वहीं मार्गों पर दौड़ रहे वाहनों पर भी इसका खासा प्रभाव
पड़ा।
तेज रफ्तार में फर्राटे भरने वाले वाहन धुंध के कारण रेंगते नजर आए।
वाहन चालकों को दिन में भी लाइट का सहारा लेना पड़ा। घने कोहरे की वजह से
लोग समय से अपने गंतव्यों तक नहीं पहुंच सके।
ट्रेनों के संचालन पर भी
कोहरे का कुछ असर दिखाई दिया।