फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बाढ़ की चपेट में 24 गांव

Fri, 30 Sep 2016 12:43 AM IST
ghazipur
विज्ञापन
जलस्तर बढ़ने से सादात के रसूलपुर -अडिला रोड पर भरा पानी। - फोटो : Ghazipur
विज्ञापन
तहसील में गंगा के बाद अब गांगी ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। गांगी में आई बाढ़ के चलते24 गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद हो गई है। डहरा कला और नरायनपुर-ककरहीं पुलिया भी बाढ़ के पानी में डूब जाने से कई गांव से संपर्क मार्ग अवरुद्ध हो गया है। वहीं किसानों के समक्ष पशुओं के चारे की समस्या आ खड़ी हुई है।
विज्ञापन


डहराकला में पुलिया पर पानी आने से डहराकला-निंदीपुर संपर्क मार्ग बंद हो चुका है। इसके चलते भवानीपुर, अलमदेपुर, हिराधरपुर, राजधरपुर, पहाड़पुर, खुजरहट, रामचरनपुर, कथवलिया के ग्रामीण डेढ़ किमी की दूरी भीमापार होकर अथवा सैदपुर-महापुर होकर 15 से 20 किमी दूरी तय कर घर पहुंच रहे है। वहीं नरायनपुर-ककरही नाला में पानी आने से दौलत, बड़हारी, खोजनपुर, राजनपुर की 500 मीटर की दूरी 5 से 7 किमी में लोग तय कर रहे है। नदी के किनारे बसे इस गांव के लोगों की बड़े हिस्से की फसल बाढ़ से नष्ट हो गई है। नरायनपुर गांव के पप्पू यादव ने कहा कि दो दशक बाद गांगी में आई बाढ़ ने कहर बरपाना शुरू किया है। संदीप यादव, विनय यादव और श्यामलाल प्रसाद ने कहा कि सूखा और ओला के बाद प्राकृतिक कहर बाढ़ में किसानों के सामने रोटी की समस्या खड़ी कर दी है।

सादात प्रतिनिधि के अनुसार, क्षेत्र में पिछले दो दिनों से हो रही बरसात के चलते बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है। शादियाबाद के पास जहां प्राथमिक विद्यालय सराय कुबरा पूरी तरह से  पानी से घिर गया है, वहीं सराय कुबरा गांव में दर्जनों लोंगों के मकान,  छप्पर एवं टीन शेड बेसों नदी के बाढ़ के प्रकोप में समा गए हैं। साथ अड़ीला  और रसूलपुर गांव के बीच स्थित बेसों नदी पर बने छलका पुल पर पानी चढ़ गया  है। इसके चलते आवागमन पूरी तरह से ठप हो चुका है। मजुई गांव के  पास उदनती नदी पर बने छलका पुल के उपरी सतह को पानी छू रहा है। अगर पानी  बढ़ने की रफ्तार बनी रही तो इस पुल के उपर से बाढ़ का पानी बहना शुरू हो  जाएगा।
विज्ञापन


शादियाबाद में बेसों नदी पर बने पुल से लगभग दो 200 मीटर पूरब और  दक्षिण तरफ सराय कुबरा गांव पानी भर गया है और ग्रामीण अपने घर छोड़कर उंचे स्थानों पर  चले गए हैं। वहीं प्राथमिक विद्यालय में लगभग 5 फीट उंचाई तक पानी भर गया। प्रभावित लोगों में लौटन,  चंद्रदेव, रामजी, इंद्रदेव, राजदेव, छक्कू, गणेश, श्रीपति, कैलाश चौहान,  जंगबहादुर, भोला चौहान, रामदुलारे चौहान, कमलेश चौहान, रामायण चौहान और  कुमार चौहान शामिल हैं। इन लोगों का कच्चा मकान, मड़ई, छप्पर, ककट का टीन  शेड पूरी तरह से गिर चुका है। बाढ़ के चलते नदी का प्रवाह तेज होने के कारण  इस गांव के पक्के मकानों के गिरने का खतरा बढ़
विज्ञापन

गया है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें