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मंगई नदी से हजारों एकड़ फसल डूबी

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भांवरकोल। एक तरफ गंगा नदी के पानी ने लोगों का जीवन दुश्वार कर दिया है तो दूसरी तरफ मंगई नदी भी उफान पर है। मंगई नदी की धारा विपरित हो गयी है और पानी खेतों में पसर रहा जिससे किसानों की धुकधुकी बढ़ चुकी है। मंगई नदी का पानी मसौनी, लौवाडीह, सियाड़ी, गोंड़उर, महेंद्र, देवरिया ,सरदरपुर, नसरतपुर, जोगा मुसाहिब गांव के सिवान में धान की फसल डूब गई है। वही मंगई नदी का पानी राजापुर ,परसा ,खेमपुर, सिलाइच आदि गांव की तरफ तेजी से पसर रहा है। सियाड़ी की स्थिति सबसे खराब है। इस गांव को मंगई नदी के पानी ने चारों तरफ से घेर लिया है। पानी गांव में पहुंच गया है कि लोगों के घर पानी से घिर चुके हैं। प्राथमिक विद्यालय के भी पानी से घिर गया है। यहां आवागमन ठप होने से प्रशासन की ओर से नाव की व्यवस्था की जा रही है। यहां के प्रधान कमलेश राय ने एसडीएम से पांच नाव लगाने की मांग की है। मंगई नदी का पानी धान की फसल तो चौपट करेगा ही, रबी की फसल को बुआई के लिए भी काफी विलंब होगा। ज्ञात हो कि मंगई नदी के पास का इलाका काफी उपजाऊ है और इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर मसूर की खेती की जाती है। पानी आ जाने से रबी की खेती चौपट हो जाएगी। करीमुद्दीनपुर संवाददाता के अनुसार, मंगई नदी में पानी बढ़ने समीपवर्ती गांवों के किसानों की सैकड़ों बीघा धान की फसल डूब गई है। गंगा के दबाव के चलते इधर दो दिन में मगई नदी काफी उफान पर है। जलस्तर में तेजी से बढ़ाव हुआ है। इसके चलते, करीमुद्दीनपुर, राजापुर, शेरमठ, उत्तमपुर, लट्ठुडीह, बाबूलाल का पूरा, कबीरपुर, जोगा मुसाहिब, देवरिया, गोड़ऊर, मसवनी, महेंद्र, सोनवानी, अल्लापुर, सहित अन्य स्थानों पर खेतों में सैकड़ों बीघा फसल पानी में डूब गई है। अगर पानी दो दिन लगा रहा तो काफी मात्रा में फसल बर्बाद हो जाएगी।
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