गाजीपुर। प्रदेश के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के छात्र-छात्राओं में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और भाईचारे की भावना विकसित करने के उद्देश्य से शैक्षिक अध्ययन यात्राएं कराई जाएगी। यह यात्रा प्रदेश के भीतर उच्च संस्थानों की होगी। अपर राज्य परियोजना निदेशक विष्णुकांत पांडेय का निर्देश सभी जिलों के जिला विद्यालय निरीक्षकों को भेजा जा चुका है। उनके निर्देश के मुताबिक इस अध्ययन यात्रा में सिर्फ कक्षा नौ के ही छात्र एवं छात्राएं भाग लेंगे। यह यात्रा आगामी पहली से 30 नवंबर के बीच संपन्न करना अनिवार्य किया गया है। यात्रा एक दिवसीय होगी। जिला विद्यालय निरीक्षक डा. ओपी राय का निर्देश जिले के सभी 28 राजकीय विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को उपलब्ध कराया जा चुका है।
इस यात्रा का लाभ जिले के राजकीय विद्यालयों के 747 सहित कुल 67707 छात्र-छात्राओं को मिल सकेगा। इसके लिए धनराशि आवंटित की गई है। यात्रा के दौरान छात्र-छात्राओं के साथ विद्यालय के दो शिक्षक अवश्य होंगे, उसमें एक महिला शिक्षिका का होना अनिवार्य होगा। यात्रा पर जाने वाले छात्र-छात्राओं को अपने अभिभावक से सहमति लेनी होगी। इस सहमति से जिला विद्यालय निरीक्षक को अवगत कराना होगा। राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के वित्त एवं लेखाधिकारी आशीष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि अध्ययन यात्रा के लिए धनराशि का आवंटन शीघ्र ही प्रधानाचार्यों के खाते में कर दिया जाएगा। यह धनराशि प्रति छात्र दो सौ रुपये की दर से की जाएगी। राजकीय हाईस्कूल सौरी के प्रधानाचार्य रामअवतार यादव ने बताया कि अध्ययन यात्रा की तैयारी के संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षक डा. ओपी राय प्रधानाचार्यों की बैठक कर चुके हैं। इस यात्रा से छात्र-छात्राओं को शैक्षिक ज्ञान के साथ-साथ बाहरी परिवेश से जोड़ा जाएगा और इससे उनके ज्ञान में वृद्धि हो सकेगी। इससे छात्रों में नेतृत्व करने की क्षमता विकसित होगी। उनके अंदर भाईचारे की भावना का विकास होगा और उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा। इस तरह की यात्रा से छात्र पूरी तरह लाभान्वित होंगे।