बाढ़: औड़िहार के आदित्य घाट पर कम हुआ गंगा का जलस्तर।
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गाजीपुर। जिले में बाढ़ का खतरा हालांकि अब कम हो चला है। लेकिन घटाव के बाद भी तटवर्ती इलाकों में कटान का खतरा बढ़ने लगा है। जिसके चलते ग्रामीण सहम गए हैं। उधर, खतरा बिंदु के करीब पहुंची गंगा में घटाव होने लगा है। रविवार की देर शाम तक घटाव का क्रम दो सेमी प्रति घंटा बना हुआ था। वहीं, गोमती में भी नरमी आई है। रविवार की शाम चार बजे गंगा का जलस्तर 61.670 मीटर पर था। इसके पहले वह 62.120 पर 10 घंटे तक स्थिर रही। वहीं, गोमती नदी में भी घटाव शुरु हो गया। नदियों का जलस्तर कम होने से राहत मिली है। हालांकि अभी भी सैकड़ों गांवों के करीब पानी पहुंचा हुआ है। जमानिया, सेवराई, मुहम्मदाबाद, सदर आदि तहसील क्षेत्रों की हजारों एकड़ फसल जलमग्न हो गई है। शहर के ददरीघाट, कलक्टरघाट, पोस्ताघाट के साथ ही कुर्था, बयेपुर, सोकनी, पुरैना, जैतपुरा अािद में पानी में कमी आ रही है। रेवतीपुर : गंगा में बढ़ाव से क्षेत्र के तटवर्ती गांव, डुहिया, कासिमपुर, बहलोलपुर, मेदिनीपुर, ताड़ीघाट, कालूपुर, बवाड़ा, युवराजपुर, पटकनिया, भगीरथपुर, गरुआ मकसूदपुर, इजरी, बैकुंठपुर, घाटमपुर, मलसा, पिपरा गांवों तक पानी पहुंच गया है। भांवरकोल : गंगा के बढ़ाव के चलते क्षेत्र के धर्मपुरा, फिरोजपुर के ग्रामीण दहशत में हैं। वीरपुर से भागड़ा के माध्यम से निकले नाले में भी गंगा का पानी दिख रहा ह। नाले से कठार, निकरोजपुर, आमघाट, रानीपुर, नकटीकोल आदि गांवों में पानी प्रवेश करता है। औडि़हार : गोमती के बढ़ाव के कारण तटवर्ती गांवों गौरहट, गौरी तथा तेतारपुर में लोग सहम गए थे। अब घटाव की खबर सुनकर लोगों के साथ ही प्रशासन ने भी राहत की सांस ली है। जमानिया : गंगा नदी में बढ़ाव से सब्बलबुर, देवरिया बांड़, गंगबरार, पाह सैयदराजा, देवरिया भुल्लन राय आदि गांवों के करीब पानी आ गया था जिसमें अब कमी आ रही है। केंद्रीय जल आयोग के स्थल प्रभारी हसनैन ने बताया कि गंगा में धीमी गति से घटाव हो रहा है।