गंगा: नदी का जलस्तर सात इंच घटने के बाद भी आदित्य घाट पर गंगा में डूबी 12 सीढ़ियां।
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गाजीपुर। दो दिनों के घटाव के बाद रविवार की दोपहर से गंगा स्थिर हो गई। उधर इसकी सहायक नदी गोमती में हल्का बढ़ाव बना हुआ है। हालांकि यह गति काफी धीमी है। करीब चार घंटे पर एक सेमी का अंतर आ रहा है। इधर गंगा के जलस्तर में लगातार उतार-चढ़ाव हुआ है। बरसात होने पर तटवर्ती लोगों की धुकधुकी बढ़ जाती है। वह अपना सामान समेटने लगते हैं तथा पलायन के लिए तैयार हो जाते हैं। जिले की अन्य नदियों में भी जल का अस्तित्व बढ़ता जा रहा है। बाढ़ में जिले के करीब 700 से अधिक गांव प्रभावित होते है। जिले में गंगा नदी खतरा बिंदु 63.105 मीटर पर है, जबकि रविवार की शाम तक गंगा का जलस्तर करीब 55.340 मीटर पहुंच गया है। वह दोपहर बाद से स्थिर बनी हुई है। इसी प्रकार गोमती नदी के तट पर भी जिले के 50 से अधिक गांव बसे है। गोमती नदी में भी एक सप्ताह में आधा मीटर तक बढ़ाव हुआ है। रविवार को नदी का जलस्तर 53.265 मीटर था। जिले में गंगा, गोमती के अलावा टौंस, कर्मनाशा, बेसो, मंगई, गांगी, भैसहीं, उदंती आदि नदियां बहती है। मुहम्मदाबाद के सेमरा, बच्छलका पुरा, सुल्तानपुर, गौसपुर आदि तटवर्ती गांवों के लोग गंगा के पानी के बढ़ाव को महसूस करते हुए सतर्क होने लगे है। इस बार गंगा के किनारे बोल्डर और पत्थर लगा कर ठोकर बनाया गया है लेकिन यह भयंकर बाढ़ को रोकने के लिए नाकाफी ही लग रहा है। औड़िहार : बरसात के बाद गंगा और गोमती का पानी बढ़ने लगा है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार अभी गंगा में उतार चढ़ाव बना हुआ है। दोपहर बाद से वह स्थिर बनी हुई हैं तथा अभी खतरे के निशान से काफी नीचे है।