गाजीपुर। लगातार बारिश की वजह से गंगा सहित जिले की अन्य नदियों का पानी गांवों की दहलीज तक पहुंचने लगा है। सिधागर घाट में टौंस नदी के बढ़ाव के चलते करीब आधा दर्जन गांव पानी से घिर गए हैं। पाली गांव के पास दलित बस्ती में आंशिक रुप से पानी प्रवेश कर गया है। इसके चलते ग्रामीणों की चिंता बढ़ती जा रही है। इधर, तेजी से बढ़ रही गंगा के रफ्तार में रविवार की दोपहर के बाद थोड़ी कमी आ गई। सुबह तीन सेमी प्रति घंटा की तेजी से बढ़ रही गंगा दोपहर बाद दो सेमी प्रति घंटा पर पहुंच गई। अगर आगे बरसात नहीं हुई तो सोमवार तक पानी ठहर सकता है। इधर, अन्य नदियों के बढ़ाव के चलते पानी से कई बीघा खेत पानी में डूबे हुए हैं। प्रशासन की ओर से भी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
सिधागरघाट संवाददाता के अनुसार, क्षेत्र में टौंस नदी के किनारे सिधागरघाट, पाली, रेता, सुरवत, रामगढ़, अवराकोल सहित आधा दर्जन गांव बसे हुए हैं। बारिश का पानी तो इन गांवों में पसरा हुआ है ही रविवार को नदी का पानी भी बाहर फैलने लगा। इससे गांव घिर गए हैं। इधर, पाली की दलित बस्ती में आंशिक रूप से पानी प्रवेश कर गया है। इससे लोगों की चिंता बढ़ गई है। नदी के तटवर्ती इन गांवों के लोगों को हर वर्ष इस तरह की तकलीफों का सामना करना पड़ता है। वर्ष 2005 में आई बाढ़ की वजह से इन गांवों में काफी क्षति हुई थी। अधिकतर लोग अभी भी ठीक से सुधर नहीं पाए हैं। इधर, तीन दिन से तेजी से बढ़ रही गंगा के रफ्तार में थोड़ी कमी आई है। रविवार की सुबह करीब तीन सेमी प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़ रही गंगा का जलस्तर आठ बजे 55.260 मीटर था। दोपहर 12 बजे 55.380 मीटर पर पहुंचने तक गंगा में बढ़ाव का यही क्रम था। इसके बाद, रफ्तार धीमी हो गई। दोपहर बाद तीन बजे 55.450 मीटर तथा चार बजे 55.470 मीटर रिकार्ड किया गया। केंद्रीय जल आयोग के हसनैन ने बताया कि रफ्तार में कमी आई है।