पंचायत चुनाव का टिकट न मिलने से क्षुब्ध वरिष्ठ बसपा नेता एवं पूर्व प्रधान कलेक्ट्रेट के पास रविवार की सुबह आत्मदाह का प्रयास किया। जिससे हड़कंप मच गया।
मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने आत्मदाह का प्रयास कर रहे बसपा नेता को दबोच लिया और कोतवाली ले गई। बाद में पुलिस ने शांतिभंग में चालान कर दिया।
आत्मदाह का प्रयास करने वाले बसपा नेता अंबिका राम का आरोप था कि बसपा जिलाध्यक्ष और पार्टी के ऊपर के लोग टिकट के लिए पैसे की मांग कर रहे थे। इसी कारण उन्होंने दुखी होकर आत्मदाह करने की कोशिश की।
मरदह थाना क्षेत्र के लहुरापुर निवासी बसपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व प्रधान अंबिका राम आज सुबह करीब सवा दस बजे दो लोगों के साथ जिलाधिकारी कार्यालय के पास टेम्पो से पहुंचे।
साथ मौजूद लोगों ने टेम्पो से तीन बोरियों में रखी किताबों को उतारा। इसके बाद अंबिका आत्मदाह करने के लिए किताबों को फैलाने लगा। उसके पास डिब्बा में केरोसिन का तेल देख वहां मौजूद लोगों को मामला समझने में देर नहीं लगी। लोगों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी।
जैसे ही अंबिका किताबों की ढेर पर बैठा और अपने शरीर पर तेल डालने की तैयारी कर ही रहा था कि वहां पहुंचे कोतवाली प्रभारी केके मिश्रा, एसआई राजेश त्रिपाठी तथा गोराबाजार चौकी प्रभारी नसीम अख्तर ने उसे दबोच लिया। इस दौरान बसपा नेता और पुलिस में गुत्थम-गुत्था भी हुई।
बावजूद इसके पुलिस उसे कोतवाली उठा लाई। अंबिका राम का आरोप था कि वह वर्षों से बसपा से जुड़े रहते हुए विभिन्न पदों पर रह चुका है। पार्टी ने उन्हें जिला पंचायत का टिकट देने का भरोसा दिया था।
बावजूद इसके ऐन मौके पर जिलाध्यक्ष और पार्टी के ऊपर के लोग टिकट के लिए उससे पैसे की मांग करने लगे, जिसे देने में वह सक्षम नहीं था। मुझे टिकट न देकर दूसरे को टिकट दे दिया, जिससे मुझे आघात लगा और मैने आत्मदाह करने का निर्णय ले लिया। मैं इसकी शिकायत पार्टी सुप्रीमो से करूंगा।
इस संबंध में बातचीत करने पर कोतवाली प्रभारी केके मिश्रा ने बताया कि आत्मदाह का प्रयास करने वाले बसपा नेता का शांतिभंग में चालान कर दिया गया है।