गाजीपुर। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बुधवार को खुली छह दुकानों से लोगों को पांच पहले पूर्व जिला प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई याद आ गई। शहर के बीचोबीच करीब 20 वर्ष पहले बने मुख्तार अंसारी की बेनामी संपत्ति गजल होटल के ऊपरी तल को ध्वस्त करने के लिए बुलडोजर चला था। दूसरे तल पर 15 से अधिक कमरे और हाॅल बने थे। एक नवंबर 2020 को तीन घंटे 47 मिनट में करीब पांच पोकलेन और बुलडोजर ने ऊपरी हिस्से को ध्वस्त किया था। जिला प्रशासन की इस कार्रवाई से होटल संचालक मुख्तार अंसारी की पत्नी आफ्शा अंसारी व बेटों को 35 लाख का नुकसान हुआ था।मुख्तार अंसारी की पत्नी और दोनों पुत्रों के नाम से संचालित गजल होटल के निचले हिस्से में एचडीएफसी बैंक का एटीएम था, तो दूसरी तरफ कटरों में सर्राफ, कपड़ा, इलेक्ट्रानिक और फुटवेयर की दुकानें थीं। दूसरे तल के एक हिस्से में एचडीएफसी बैंक का संचालन होता था, तो अन्य 15 कमरों को किराये पर दिया गया था। होटल संचालक को पूरे काॅम्पलेक्स से करीब एक लाख रुपये बतौर किराया मिल जाता था। वर्ष 2020 के सितंबर माह के अंतिम सप्ताह से गजल होटल पर जिला प्रशासन की नजर टेढ़ी होते ही काॅम्पलेक्स में रह रहे लोगों की धुकधुकी बढ़ गई थी। वर्ष 2020 के आठ अक्तूबर को एसडीएम कोर्ट के ध्वस्तीकरण के आदेश के बाद टूटने की संभावना तो प्रबल हुई थी, लेकिन संचालक द्वारा हाईकोर्ट में एसडीएम कोर्ट के आदेश के खिलाफ याचिका दाखिल करने के बाद उन्हें होटल के बचने की उम्मीद जगी थी। हाईकोर्ट द्वारा डीएम कोर्ट में दस दिन के अंदर अपील करने का आदेश दिया गया, तो स्थितियां बदल चुकी थीं। होटल के ऊपरी हिस्से के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के ठीक एक वर्ष बाद गजल होटल के प्रथम तल पर बने 17 दुकानों को कुर्क कर दिया गया था। जिला और पुलिस प्रशासन की टीम ने गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की थी। जिस वर्ष दुकानों को कुर्क किया गया था, उस समय जिला प्रशासन ने 17 दुकानों की कुल कीमत 10 करोड़ 10 लाख रुपये आंकी थी।