गाजीपुर। जिले के सेवराई और कासिमाबाद तहसील में भी फायर स्टेशन का निर्माण होगा। इसके लिए भूमि चिह्नित करने का काम शुरू हो चुका है। दो यूनिट के प्रत्येक स्टेशन के निर्माण पर 13- 13 करोड़ रुपये खर्च होंगे। आग लगने पर करीब 30 किमी दूर जमानिया से सेवराई तो 20 किमी दूर मुहम्मदाबाद से दमकल की गाड़ियां कासिमाबाद पहुंचती हैं। ऐसे में कहीं जर्जर सड़क तो कहीं भीड़भाड़ व जाम से फायर स्टेशन के वाहनों को पहुंचने में डेढ़ से दो घंटे लग जाते हैं। इस दौरान सबकुछ जलकर नष्ट हो जाता है। वर्ष 2016 में कासिमाबाद तहसील स्थापित हुआ। इसमें 499 राजस्व गांव हैं। इस तहसील की करीब 2.39 लाख से अधिक आबादी है। जबकि 3.30 लाख हेक्टेयर कृषि क्षेत्र है, जहां किसान गेहूं, धान एवं अन्य फसलों और सब्जियों की खेती करते हैं। ऐसे में गेहूं की सीजन में आग लगने की घटना काफी होती है। फायर स्टेशन न होने से आग पर काबू पाने के लिए लोगों को कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। मुहम्मदाबाद फायर स्टेशन से वाहन पहुंचने में एक से दो घंटे का समय लग जाता है। वहीं, सेवराई तहसील भी वर्ष 2016 में अस्तित्व में आई थी। इसमें 146 राजस्व गांव शामिल हैं। यहां की भी करीब आबादी 1.80 लाख के आसपास है। कृषि क्षेत्र भी अच्छा खासा है। ऐसे में यहां फसलों को लेकर आग लगने की घटना तो अधिक नहीं होती है, लेकिन झोपड़ियों एवं मकान में आग की घटनाएं अधिक होती है। सेवराई निवासी राजीव जायसवाल ने बताया कि आग लगने पर यहां से करीब 30 किमी दूर जमानिया से अग्निशमन वाहन के पहुंचने तक आग में सबकुछ जलकर नष्ट हो जाता है। वहीं, कासिमाबाद क्षेत्र के प्रभुनाथ कुशवाहा ने बताया कि तहसील में सबसे अधिक जरूरत फायर स्टेशन की थी। इसके स्थापित होने से दमकल की गाड़ियां जहां ससमय पहुंचेंगी, वहीं आग की घटनाओं पर काबू पाया जा सकेगा।