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Ghazipur News: हनुमान चौतरा, हथियाराम मठ समेत पांच धार्मिक स्थलों का होगा विकास बनेंगे बहुउद्देशीय हॉल और लगेंगी लाइटें

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हनुमान चबुतरा गहमर। संवाद
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गाजीपुर। जिले के पांच धार्मिक व ऐतिहासिक स्थलों का 5.50 करोड़ की लागत से विकास व सुंदरीकरण का कार्य होगा। शासन की ओर से जनपद के पांच प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई है। इसमें एक प्रस्ताव हथियाराम मठ का भी है, जहां 11 अक्तूबर 2025 को सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहुंचे थे।
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गहमर स्थित हनुमान चौतरा, हथियाराम मठ, सैदपुर के बूढ़े महादेव मंदिर, बभनौली स्थित बिछुड़ननाथ व बाराचवर ब्लॉक के असावर के शिव मंदिर के प्रस्ताव को शासन से मंजूरी मिली है। साथ ही 5.50 करोड़ रुपये की धनराशि भी मंजूर की गई है। इसके तहत इन स्थलों पर बहुउद्देशीय हॉल, प्रकाश समेत सुंदरीकरण के कार्य किए जाने प्रस्तावित हैं। शासन की ओर से जिन प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है, वह जनपद में ऐतिहासिक व धार्मिक महत्व रखते हैं। पूर्व में पर्यटन विभाग की ओर से इन स्थलों के विकास का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया था।
स्थलवार मंजूर की गई धनराशि का विवरण
स्थल धनराशि
हनुमान चौतरा 1.00 करोड़
हथियाराम मठ 1.20 करोड़
बूढ़े महादेव 1.10 करोड़
बिछुड़ननाथ 1.10 करोड़
असावर शिव मंदिर 1.10 करोड़
सीएम ने किया था दर्शन-पूजन
11 अक्तूबर वर्ष 2025 को सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हथियाराम मठ पहुंचकर दर्शन-पूजन किए थे। साथ ही उन्होंने प्रबुद्धजन से संवाद भी किया था। सिद्धपीठ हथियाराम मठ की परंपरा करीब 700 साल पुरानी है तथा यह देश की प्रसिद्ध सिद्धपीठों में शुमार है। इस मठ की शाखाएं देश के कोने-कोने में फैली हुई है जिसके लाखों शिष्य हैं। मठ का प्रमाण सामान्य जनश्रुति, प्राचीन हस्तलिपि, लिखित पुस्तक तथा भारतीय इतिहास में मिलता है।
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शिव-सती के वियोग के कारण नाम पड़ा बिछुड़ननाथ
विकास खंड सैदपुर क्षेत्र के बभनौली गांव स्थित प्राचीन बिछुड़ननाथ महादेव मंदिर समिति के अध्यक्ष जोगिंदर सिंह ने बताया कि पौराणिक मान्यता के अनुसार राजा दक्ष द्वारा आयोजित यज्ञ में भगवान शिव का अपमान होने से आहत माता सती ने यज्ञ कुंड में अपने प्राण त्याग दिए थे। इसके बाद भगवान शिव माता सती के पार्थिव शरीर को लेकर विलाप करते हुए तांडव करने लगे। इसी स्थान पर शिव और सती का वियोग (बिछुड़न) हुआ था, जिसके कारण इस धाम का नाम बिछुड़ननाथ महादेव पड़ा। यही कथा इस मंदिर को अन्य शिवधामों से अलग पहचान देती है।
सैनिक बाहुल्य गांव का भी रखा ख्याल
गहमर जनपद के बड़े गांवों में अपना स्थान रखता है। गहमर स्थित हनुमान चौतरा के विकास व सुंदरीकरण के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। गहमर के पुरोहित नितिन त्रिवेदी ने बताया कि हनुमान चौतरा आस्था का केंद्र है। यहां प्रतिदिन दर्शन-पूजन के साथ ही विशेष धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन होता है। गहमर गांव के लगभग हर एक घर का परिवार का कोई न कोई सदस्य सेना में शामिल होकर देश की सेवा कर रहा है। ऐसे में पर्यटन के मानचित्र पर गहमर गांव को स्थान मिलना अहम बात है।

जनपद के पांच धार्मिक व ऐतिहासिक स्थलों के विकास व सुंदरीकरण संबंधित प्रस्ताव को शासन से मंजूरी मिल गई है। पूर्व में इन प्रस्तावों को शासन को भेजा गया था। - आरके मौर्या, जिला पर्यटन अधिकारी

हनुमान चबुतरा गहमर। संवाद

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