गाजीपुर। परिवारों में बढ़ती कलह के बीच महिला सहायता प्रकोष्ठ एवं परिवार परामर्श केंद्र ने रविवार को पांच टूटते रिश्तों को फिर से जोड़ने में सफलता हासिल की। लंबे समय से पति-पत्नी के बीच चल रहे विवाद आपसी सहमति और काउंसिलिंग के बाद समाप्त हो गए, जिसके बाद सभी पांच दंपती एक-दूसरे के साथ खुशी-खुशी घर लौट गए।
पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा ने बताया कि महिला सहायता प्रकोष्ठ एवं परिवार परामर्श केंद्र में रविवार को पति-पत्नी के विवाद से जुड़े 43 मामलों की सुनवाई की गई। इनमें पांच मामलों में दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर मध्यस्थता कराई गई। बिना किसी दबाव के दोनों पक्षों ने पुराने गिले-शिकवे भुलाकर साथ रहने पर सहमति जताई, जिसके बाद उनकी सकुशल विदाई कराई गई।
उन्होंने बताया कि आठ मामलों में समझौता होने के बाद पत्रावली बंद कर दी गई, जबकि 12 मामलों में पक्षकारों को विधिक सलाह देकर निस्तारण किया गया। शेष मामलों में सहमति नहीं बनने पर अगली सुनवाई की तिथि निर्धारित की गई है।
एसपी ने कहा कि परिवार परामर्श केंद्र का उद्देश्य मुकदमेबाजी बढ़ाना नहीं, बल्कि आपसी संवाद और समझदारी के माध्यम से परिवारों को टूटने से बचाना है। केंद्र भविष्य में भी ऐसे मामलों में प्राथमिकता के आधार पर मध्यस्थता कर परिवारों को जोड़ने का प्रयास करता रहेगा।
काउंसिलिंग प्रक्रिया में काउंसलर विक्रमादित्य मिश्र, वीरेंद्र नाथ राम, कमरुद्दीन, मनोरमा राय, पूजा श्रीवास्तव, महिला प्रकोष्ठ प्रभारी उपनिरीक्षक नीतू मिश्रा तथा महिला आरक्षी रागिनी चौबे, संध्या और अभिलाषा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।