अत्याधुनिक मशीनों से वाहनों की होगी जांच, तब मिलेगा प्रमाण-पत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। अब वाहनों के फिटनेस प्रमाण-पत्र के लिए एआरटीओ विभाग का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। जल्द ही फिटनेस केंद्र स्थापित होगा, जहां अत्याधुनिक और ऑटोमेटिक मशीनों द्वारा वाहनों की जांच होगी। तब जाकर प्रमाण-पत्र जारी होगा। इसको लेकर जल्द ही कवायद शुरू होगी। ऐसे में वाहन स्वामियों को काफी सहूलियत होगी।
सड़कों पर फर्राटा भर रहे वाहनों की जांच और उनके फिटनेस के लिए एआरटीओ विभाग की ओर से एक अधिकारी की तैनाती की गई है। इनके द्वारा प्रदूषण की जांच प्रमाण-पत्र, कर चुकता रिपोर्ट, बीमा आदि कागजातों की जांच की जाती है। कई वाहनों के फिटनेस प्रमाण-पत्र बिना कागजात देखे ही जारी कर दिया जाता है। वहीं कई बार शिकायत भी मिलती रहती है।
ऐसे में पारदर्शिता लाने के लिए शासन की ओर से फिटनेस केंद्र स्थापित करने की तैयारी शुरू कर दी गई है, जिससे ऑॅटोमेटिक मशीनों से जांच करके ही वाहनों को प्रमाण-पत्र जारी किया जा सके। सेंटर स्थापित कराने के लिए विभाग की ओर से कागजी कार्रवाई पूर्ण करने के साथ आवेदन भी मांगने की तैयारियां की जा रही है, जिससे जल्द से जल्द सेंटर स्थापित कराया जा सके।
इस संबंध में एआरटीओ राम सिंह ने बताया कि वाहनों के फिटनेस की जांच के लिए सेंटर स्थापित होगा। इसके लिए शासन द्वारा निर्देश जारी कर दिया गया है। आवेदन मिलने के बाद जांच करके फिटनेस सेंटर स्थापित करवाने की कार्रवाई शुरू होगी।
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सेंटर में 68 प्वाइंट से गुजरेगा वाहन
गाजीपुर। वाहन सेंटर ले जाना जरूरी होगा। सेंटर में मौजूद ट्रैक पर कुल 68 प्वाइंट से गाड़ी को गुजरना होगा। सिस्टम ऑनलाइन रहेगा, अगर एक भी प्वाइंट में खरा नहीं उतरा तो फिटनेस प्रमाण-पत्र जारी नहीं होगा। सेंटर में प्रत्येक वाहन की प्रक्रिया को विभागीय अधिकारी कार्यालय में ही बैठकर कंप्यूटर अथवा मोबाइल पर देख सकेंगे।