दुबिहा। मंगई नदी पुल से गुजरने वालों के लिए मंगलवार आम सा ही दिन था। लेकिन तब तक, जब तक किसी के कान में नवजात के रोने की आवाज नहीं गई थी। झाड़ियों से आ रही नवजात के रोने की आवाज सुनकर राहगीरों के कदम थम गए।
आनन फानन में गुलाबी कपड़े में लिपटी उस गुलाब सी नवजात बिटिया को झाड़ियों में जिसने भी देखा उस कठकलेजी मां को एक बार तो जरूर ही कोसा। नवजात की मासूम आंखों में अगले जन्म में बिटिया न बनाने का दर्द कइयों ने महसूस भी किया। जिसे नाज और लाड़ के साथ मां की गोद में होना चाहिए था, उसे न जाने किस मजबूरी में झाड़ियों का साथ मिला, हर कोई ये सवाल एक दूसरे से पूछता रहा।
दरअसल लठ्ठूडीह -गौड़ऊर मार्ग पर मंगई नदी पुल के पास झाड़ियों में किसी ने नवजात बच्ची को फेंक दिया था। सुबह राहगीरों को बच्ची की रोने की आवाज सुनी। देखते ही देखते वहां लोगों की भीड़ जुट गई। इसी बीच किसी ने इसकी सूचना करीमुद्दीनपुर पुलिस को दी।
सूचना मिलते ही करीमुद्दीनपुर थानाध्यक्ष देवेंद्र यादव मौके पर पहुंचे और महिला पुलिसकर्मियों के माध्यम से बच्ची को उठाकर थाने लेकर आए। उसका प्राथमिक इलाज कराकर उसे चाइल्ड केयर सेंटर के लिए भेज दिया गया।
इस बारे में थानाध्यक्ष देवेंद्र यादव ने बताया कि प्राथमिक इलाज के बाद उसके स्वास्थ्य परीक्षण के लिए जिला चिकित्सालय भेजा गया है। जहां स्वास्थ्य जांच के बाद बच्ची को चाइल्ड केयर सेंटर को सौंप दिया जाएगा।