मरदह। थाना क्षेत्र के मरदह-कासिमाबाद बाइपास स्थित स्थानीय गांव में एक झोपड़ी में लगी आग देखते ही देखते आठ रिहायशी झोपड़ियों में फैल गई। इसके कारण कुल नौ झोपड़ियां जलकर राखी हो गईं। इसमें रखे लाखों रुपये के गृहस्थी के सामान जलकर नष्ट हो गए। सूचना पाकर एक घंटे बाद मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड के वाहन ने किसी तरह से आग पर काबू पाया।
मरदह गांव के कासिमाबाद बाइपास पर स्थित राधे राम की चाय-पान की झोपड़ी में संदिग्ध परिस्थितियों में शाम करीब चार बजे आग लग गई। इसके कारण पास में स्थित राधेश्याम राजभर, अनिल राजभर, श्याम मुराली राजभर, घरभरन राजभर, राहुल राजभर, रामप्यारे राजभर, खतिरानी, रामविलास राजभर की झोपड़ी भी आग की चपेट में आ गई। इससे झोपड़ियों में रखा गेहूं, चावल, आटा, मोबाइल फोन, कपड़ा, बिस्तर, टीवी, तख्ता, साइकिल, उपला, भूसा, पंखा, चारपाई, कुर्सी सहित गृहस्थी का पूरा सामान जलकर नष्ट हो गया। लोगों ने इसकी सूचना फायर ब्रिगेड को दी। सूचना देने के एक घंटे बाद मौके पर फायर ब्रिगेड पहुंचा। फायर ब्रिगेड ने किसी तरह से आग पर काबू पाया। मौके पर पहुंचे समाजसेवी लल्लन राजभर ने बताया कि बिजली तार के शार्ट-सर्किट से निकली चिंगारी के कारण आग लगी है। वहीं दूसरी ओर बिजली निगम के जेई एसके ओझा ने बताया कि घटना के वक्त बिजली आपूर्ति बंद थी। उधर, घटनास्थल पर पहुंचे क्षेत्रीय लेखपाल उपेंद्र यादव ने बताया कि क्षति का आंकलन करके रिपोर्ट तहसील मुख्यालय को भेजी जाएगी।