जमानिया। कोतवाली क्षेत्र के लहूआर गांव के ईंट भट्ठा परिसर स्थित तीन झोपड़ियों में अज्ञात कारणों से लगी आग में तीन मासूमों के जिंदा जलने की घटना के बाद शुक्रवार को चारों तरफ मातम पसरा रहा। हादसे में गंभीर रुप से झुलसी महिला का इलाज वाराणसी में चल रहा है। घटना में पांच लोग बाल-बाल बच गए। भट्ठे पर भी मातम पसरा हुआ है। उधर हादसे के बाद चंदौली जिले के 23 परिवार ईंट भट्ठे पर मजदूरी करते थे, वह वापस गांव लौट गए। पीड़ित परिवार को आपदा राहत कोष से 12 लाख रुपये मिलेंगे। इसे लेकर स्थानीय प्रशासन लिखा-पढ़ी में जुटा हुआ है।
ईट- भट्ठे के मुंशी नंद कुमार ने बताया कि घटना में झुलसी बबलू बनवासी की पत्नी भागरथी देवी का इलाज वाराणसी के निजी अस्पताल में चल रहा है। भट्ठा संचालक बबलू राय ने बताया कि बीएचयू में जगह खाली न होने के कारण महिला को एडमिट नहीं कराया जा सका। जिस कारण से प्राइवेट अस्पताल में ही इलाज कराया जा रहा है। इससे महिला की जान बचाई जा सके। बताया कि महिला कि स्थिति में सुधार है और उनका पति भी मौजूद है। पूरी व्यवस्था किया जा रहा है। इस संबंध मे उपजिलाधिकारी शैलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि तहसील प्रशासन की ओर से मौका मुआयना कर रिर्पोट तैयार कर उच्चाधिकारीयों को भेज दी गई है। पीड़ित परिवार को आपदा राहत कोष से 12 लाख रुपये दिया जाएगा। बताया कि पूरी कोशिश कि जा रही हैं कि पीड़ित परिवार को सहायता कि धनराशि जल्द से जल्द उपलब्ध करा दी जाएगी।