गाजीपुर। देवकली सीएचसी प्रभारी डॉ. एसके सरोज ने रविवार को बिना पंजीकरण संचालित नंदगंज के आयुष्मान हॉस्पिटल और बरहपुर के शिव हॉस्पिटल के संचालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस छानबीन में जुटी है।
एसीएमओ व झोला छाप पंजीकरण के नोडल डॉ. रामकुमार ने बताया कि 20 मार्च को नंदगंज के रामपुर बंतरा में संचालित आयुष्मान हॉस्पिटल की जांच की गई थी। इस दौरान संचालक के पास एमबीबीएस अथवा बीएमएस और बीएचएमएस का रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र, मेडिकल बायोबेस्ट की लॉग बुक, डॉक्टर पोस्ट आपरेटिव नोट्स एवं ओटी लॉक की वैद्य डिग्री नहीं थी। वहां मरीजों को भर्ती करके झोलाछाप से उपचार कराया जा रहा था। अग्निशमन प्रमाणपत्र और प्रदूषण प्रमाणपत्र भी नहीं मिला। बरहपुर स्थित शिव हाॅस्पिटल की जांच में पता चला कि संचालक शुभम चौबे के पास कोई डिग्री नहीं है। झोलाछाप मरीजों का इलाज कर रहे हैं। अग्निशमन और प्रदूषण प्रमाण-पत्र भी नहीं मिला। दोनों अस्पतालों के संचालकों के खिलाफ देवकली के सीएचसी प्रभारी ने प्राथमिकी दर्ज कराई है। थानाध्यक्ष अतुल कुमार मिश्रा ने बताया कि बरहपुर शिव हॉस्पिटल के संचालक बरहपुर निवासी शुभम चौबे और रामपुर बंतरा स्थित आयुष्मान हॉस्पिटल संचालक संतोष पाठक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई।