गाजीपुर। वायु प्रदूषण पर रोकथाम को लेकर कोर्ट के कड़े तेवर के बाद अब कृषि क्षेत्र में भी नियम कड़े कर दिए गए हैं। अब तक पराली जलाने पर जुर्माने का प्रावधान था। लेकिन, अब खेत में कूड़ा वगैरह जलाने पर भी जुर्माना अदा करना होगा। खेतों में कुछ भी जलाने पर मनाही है। इसकी निगरानी सेटेलाइट से की जा रही है।
शासन की ओर से फरमान आया है कि खेतों में किसी भी दशा में कुछ भी न जलाया जाए, बल्कि पराली वगैरह की मिट्टी में पटाई कर दी जाए, ताकि वह खाद में तब्दील हो जाए। खेतों में फसलों के अवशेष व अन्य चीजों के जलाने से वायु प्रदूषण फैलता है, जो कि वातावरण के लिए ठीक नहीं है। साथ ही स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक है। इसको गंभीरता से रोका जाए। शासन की सख्ती के बाद कृषि व राजस्व विभाग हरकत में आ चुके हैं। निगरानी के लिए बकायदे सेटेलाइट की सहायता ली जा रही है। दावा किया जा रहा है जिले के किसी भी क्षेत्र के खेतों में कुछ भी जलाने पर अक्षांश व देशांतर के जरिए पता लगाया जा सकता है। बीते वर्ष तक खेतों में पराली जलाने पर रोक थी। लेकिन, इस बार तय किया गया है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि खेतों में पराली के अलावा कूड़ा वगैरह कुछ भी न जलने पाए। कृषि उपनिदेशक अतींद्र सिंह ने बताया कि खेतों में कुछ भी जलाने पर मनाही है। इसको लेकर विभाग गंभीर है। इसकी निगरानी सेटेलाइट से की जा रही है।
पर्यावरण के प्रति जागरूक हैं किसान
गाजीपुर। अब तक जिले में पराली जलाने के एक भी मामले प्रकाश में नहीं आए है। कुछ ऐसा ही आंकड़ा बीते वर्ष का है। कृषि विभाग के अनुसार इसके पीछे की वजह किसानों के अंदर पर्यावरण के प्रति जागरूकता बताया जा रहा है। विभाग का कहना है कि किसानों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। उन्हें बताया जा रहा है कि पराली के खाद बन जाने पर मृदा की उर्वरा शक्ति बढ़ती है।
इतना अदा करना होगा जुर्माना
2 एकड़ की पराली जलाने पर 2500
2 से 5 एकड़ की पराली जलाने पर 5000
5 एकड़ से अधिक पराली जलाने पर 15000 रुपये जुर्माना देना होगा