गाजीपुर। प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना को रफ्तार देने के लिए शासन स्तर से नई व्यवस्था लागू की गई है। अब बजट ग्राम प्रधान व एडीओ समाज कल्याण के संयुक्त खाते में आएगा। इससे विकास कार्यों को लेकर वित्तीय अड़चनें खत्म होंगी। इसके पहले बजट कार्यदायी संस्था सिडको को भेजी जाती थी। लेकिन, अब विकास कार्य कराने की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों को दे दी गई है। प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत पहले चरण में 43 गांवों का चयन किया गया है। चयनित इन गांवों की तस्वीर को बदला जाएगा। यहां बुनियादी सुविधाओं को बेहतर किया जाएगा। इससे इन गांवों में साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश, शिक्षा, स्वास्थ्य आदि की सुविधा बेहतर होगी।
साथ ही विकासपरक अन्य कार्य भी कराए जाएंगे। इस कारण इन गांवों की आबादी का जीवन स्तर सुधरेगा। प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत उन गांवों का चयन किया जाता है, जहां 50 प्रतिशत से अधिक अनुसूचित आबादी होती है। योजना का मुख्य मकसद अनुसूचित जाति के लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।