सरकार की ओर से आमजन की समस्यओं को सुलझाने के लिए ब्लॉक दिवस, थाना समाधान और तहसीलों पर संपूर्ण समाधान दिवस के आयोजन का निर्देश दिया गया है। सरकार की मंशा है कि लोगों को अपनी समस्याओं के निस्तारण के लिए इधर-उधर भटकना न पड़े। लेकिन सरकार की मंशा के अनुरुप प्रशासनिक अधिकारी काम नहीं कर रहे हैं। आलम यह है कि फरियादी समाधान मांगने डीएम की चौखट पर पहुंच रहे हैं। मंगलवार को अखबार की टीम को डीएम ऑफिस के बाहर फरियादियों की भीड़ लगी दिखी। लोग समस्या का समाधान पाने के लिए कतारबद्ध थे। फरियादियों को एक-एक कर बुलाया जा रहा था। कतार में खड़े फरियादी एक क्षेत्र के नहीं थे। उनमें से अधिकांश जिले की विभिन्न तहसील क्षेत्रों से आए थे। कोई जमीन का विवाद लेकर आया था तो कोई दबंग परेशान था। कोई सरकारी सिस्टम परेशान होकर आया था। मंगलवार को डीएम कार्यालय 30 से अधिक ऐसे फरियादी आए थे जिन्हें तहसील, ब्लॉक स्तर पर समाधान नहीं मिला था। विभागीय अधिकारियों के अनुसार डीएम कार्यालय प्रतिदिन 35 से 40 फरियादी अपनी समस्याएं लेकर आते हैं। इसमें भू राजस्व, पुलिस की मनमानी और विकास कार्यों में अनियमितता से जुड़े मामले ज्यादा रहते हैं। फरियादी ब्लॉक, थाना और तहसील से निराश होने के बाद जिलाधिकारी के पास मोहम्मदाबाद तहसील क्षेत्र के चकमुकुंदपुर गांव निवासी रामअवध सिंह यादव जिलाधिकारी कार्यालय आए थे। उनका कहना है कि गांव में पुश्तैनी जमीन पर चल रहे विवाद का कोर्ट की ओर से समाधान कर दिया गया। इसके बाद भी विपक्षी खेती नहीं करने दे रहे हैं। फरियाद लेकर थाने पर गया तो कोई सुनवाई नहीं हुई और और न ही तहसील पर एसडीएम ने मामले के समाधान में रुचि दिखाई। अब डीएम से ही उम्मीद है।
सदर तहसील के सहेडी गांव निवासी राजदेव सिंह यादव ने तहसील पर न्याय नहीं मिलने पर डीएम के जनता दरबार में मंगलवार को न्याय की गुहार लगाई। उनका आरोप था कि हल्का के लेखपाल व बीडीओ उनकी जमीन पर हुए अतिक्रमण को हटाने में रुचि नहीं ले रहे है। इसकी शिकायत तहसील में करने पर अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस वजह से डीएम के यहां गुहार लगानी पड़ी।
जखनिया तहसील के भालाखुर्द गांव निवासी मिठ्ठू वर्मा ने बताया कि उन्होंने सहन की भूमि की पैमाइश के लिए तहसील व समाधान दिवस में करीब पांच बार प्रार्थना दिया था, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई तो उसने मंगलवार को जिलाधिकारी के जनता दरबार में प्रार्थना पत्र देकर भूमि की पैमाइश कराने की गुहार लगाई। उन्होंने कहा कि अब डीएम से ही उम्मीद है कि वे समस्या का समाधान करेंगे। जखनिया तहसील के नसीरपुर गांव निवासी रामकरन मौर्या ने जमीन पर कोर्ट की ओर से स्टे के बावजूद विपक्षी की ओर से भूमि पर अवैध कब्जा करने पर रोक लगाने के लिए पहले थाने में शिकायत की। कार्रवाई नहीं होने पर तहसील में प्रार्थना पत्र देकर कोर्ट के आदेश का अनुपालन कराने की गुहार लगाई, लेकिन सुनवाई नहीं होने पर मंगलवार को रामकरन डीएम के जनता दरबार में आए थे। -अविनाश कुमार,डीएम, गाजीपुर ने बताया कि तहसील स्तर पर भी फरियादियों की सुनवाई होती है। ऐसा नहीं होता तो मेरे पास काफी संख्या में लोग आते। कई बार शिकायतकर्ता किन्हीं कारणों से संतुष्ट नहीं होते हैं या उनका पेचीदा मामला होता है, तो वह आते हैं। यही प्रयास रहता है कि जो यहां तक आया है, उसकी समस्या का समाधान हो जाए।