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Ghazipur News: ताड़ीघाट रजवाहा से किसानों को नहीं मिल पा रहा पानी

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रेवतीपुर। सिंचाई विभाग की उदासीनता के चलते ताड़ीघाट रजवाहा की साफ-सफाई एवं पूरी क्षमता से पानी नहीं छोड़े जाने के चलते किसानों को धान की रोपाई एवं सिंचाई करने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बावजूद महकमा इसको लेकर उदासीन बना हुआ है। विवशता में किसान इस महंगाई के दौर में डीजल चालित मशीनों से किसी तरह खेतों तक पानी पहुंचाने का काम कर रहे हैं। वहीं विभाग की माने तो महकमा रजवाहा में जरूरत पड़ने पर पूरी क्षमता से पानी छोड़ता है।
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मालूम हो कि 27.250 किमी लंबा यह रजवाहा जमानिया स्थित चौधरी चरण सिंह पंप कैनाल से क्षेत्र की दर्जनों गांव से होते हुए उधरनपुर गांव तक जाकर ड्रेन में गिरती है। इससे कुल सात विभिन्न माइनरें भी जुड़ीं हैं। काफी कम मात्रा में पानी छोड़ा जाता है, किसानों के अनुसार इस रजवाहे से करीब 4500 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई की जाती है। बताया कि महकमा जरूरत के समय पानी की आपूर्ति नहीं कर रहा है, जिससे धान की खेती करने में समस्या आ रही है। इसके अलावा किसानों के द्वारा धान, गेंहू, चना, मटर, मसूर सहित अन्य फसल और सब्जियों की खेती होती है। उन्होंने बताया कि महकमा इतना बेपरवाह बना हुआ है कि जब पानी की जरूरत किसानों को होती है तो समय से नहीं मिल पाता हैं। वहीं जरूरत न रहने पर विभाग पूरी क्षमता से पानी छोड़ देता है, जिसके कारण खड़ी फसलें बर्बाद हो जाती है। रजवाहों एवं माइनरों की सफाई के नाम पर विभाग महज कोरम पूरा करता है, जिसके कारण टेल तक पानी नहीं पहुंच पाता है। इसके कारण फसलों की बोआई में लेटलतीफ हो जाती है, जिसका सीधा असर फसलों के उत्पाद पर भी पड़ता है।
इस संबंध में ताड़ीघाट रजवाहा के अवर अभियंता चंदन कुमार ने बताया कि विभाग की पहली प्राथमिकता किसानों के खेतों तक समय से पानी पहुंचाना रहता है, बताया कि जरूरत के हिसाब से माइनरों और रजवाहा में पानी छोड़ा जाता है।
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