थाना क्षेत्र के फुल्ली- जनकपुर मार्ग के किनारे मंगलवार की रात हत्यारों ने किसान की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक की पत्नी ने पूर्व प्रधान पति सहित पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। एसपी ने घटना स्थल का निरीक्षण कर मातहतों को वारदात का पर्दाफाश करने का निर्देश दिया। इधर पुलिस हत्या के पीछे पोखरी संबंधित विवाद मानकर छानबीन करने में जुटी है।
जमानिया कोतवाली के मुहम्मदपुर गांव निवासी किसान बद्रे आलम (44) के मोबाइल पर रात करीब नौ बजे किसी का फोन आया और वह बाइक से घर से निकल पड़े, लेकिन देर रात तक घर नहीं पहुंचे। परिजनों ने मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं हो सकी। इसके बाद परिवार के लोग किसी अनहोनी की आशंका से किसान की तलाश करने में जुट गए। रात करीब दो बजे परिजनों की नजर फुल्ली- जनकपुर मार्ग के किनारे खड़ी बाइक पर पड़ी। जब वह मौके पर पहुंचे तो बद्रे आलम का शव लहूलुहान पड़ा था और गला कटा था। जबकि चेहरा, पीठ और हाथ सहित कई स्थानों पर चोट के निशान थे। सूचना मिलते ही जमानिया कोतवाली पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई, लेकिन घटना स्थल दिलदारनगर थाना क्षेत्र में होने के चलते दिलदारनगर पुलिस को सूचना दी। जानकारी होते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और छानबीन में जुट गई। पुलिस ने घटना स्थल पर खड़ी बाइक (बुलेट) और मोबाइल को कब्जे में ले लिया। अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण आरडी चौरसिया ने थाने पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली। इधर, एहतियात के तौर पर सर्किल के जमानिया, रेवतीपुर, नगसर थाने की पुलिस भी पहुंच गई। पति की हत्या की सूचना मिलते ही एक माह पहले मायके गई पत्नी तमन्ना परिवार की अन्य महिलाओं के साथ रोते- बिलखते थाने पहुंच गई। मृतका की पत्नी ने पूर्व प्रधान पति अब्बास खां, उसके पुत्र अरशद खां, आरिफ खां, इरफान खां और नौरेज खां के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। वारदात को अंजाम देकर नामजद हत्यारोपी फरार हो गए। पुलिस अधीक्षक ने घटना स्थल का निरीक्षण किया। साथ ही परिजनों से पूछताछ के बाद आरोपियों को जल्द पकड़ने का निर्देश दिया। इस संबंध में एसपी रामबदन सिंह ने बताया कि किसान को किसी ने फोन करके बुलाया और उसकी निर्मम हत्या कर दी। क्राइम ब्रांच, सर्विलांस और पुलिस टीम लगाई गई है। जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा।
मोबाइल खोलेगा हत्या का राज
दिलदारनगर। मोहम्मदपुर गांव निवासी बद्रे आलम की हत्या के मामले में पुलिस उनके मोबाइल को कब्जे में लेकर सर्विलांस के सहारे हत्यारों तक पहुंचने में जुटी है। पुलिस इस जांच में जुटी हुई है कि आखिर रात नौ बजे बद्रे आलम के मोबाइल पर किसका फोन आया और वह घर से गए और हत्या हो गई। दूसरे दिन सुबह में फॉरेंसिक एक्सपर्ट की टीम ने घटना स्थल पर पहुंचकर साक्ष्य संकलन किया।
बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
दिलदारनगर। बद्रे आलम के चार बच्चों में सबसे बड़ी पुत्री बुशरा, अगनान, अकमल और नुमान के सिर से पिता का साया उठ गया। उनकी जिंदगी में अंधेरा छा गया। बच्चों के साथ मृतक की पत्नी तमन्ना के रोने- बिलखने से गांव में सन्नाटा पसरा है। वहीं ग्रामीण परिवार के लोगों को समझा- बुझाकर सात्वंना देने में जुटे रहे।
मृतक ने सुरक्षा को लेकर तीन माह पूर्व पुलिस को दिया था पत्र
दिलदारनगर। मृतक बद्रे आलम ने अपनी जान की सुरक्षा के लिए जमानिया पुलिस को पत्र से अवगत कराया था। उन्होंने पुलिस को बताया था कि गांव के ही पूर्व प्रधान पति ने मुझे जान से मारने के लिए धमकी मिल रही हैं लेकिन पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया और आखिरकार हत्या हो गई। मृतक की पत्नी सहित गांव के वर्तमान प्रधान प्रतिनिधि अनिल ने पुलिस को बताया। अगर कार्रवाई पहले होती तो बद्रे आलक की जान बच गई होती।
पत्र देकर जांच करने की थी मांग
दिलदारनगर। मुहम्मदपुर गांव के ही पूर्व प्रधान पति पर गांव के मत्स्य पालन पोखरी पर कब्जा हटाने और आय से अधिक संपत्ति के साथ अवैध कारोबार को लेकर मृतक बद्रे आलम गांव के अन्य लोगों के साथ पहुंचकर जमानिया तहसील के अधिकारियों को पत्र देकर जांच करने की मांग की थी। इसके चलते करीब तीन माह पूर्व बद्रे आलम सहित उनके साथ अन्य लोगों को भी जान से मारने की धमकी मिली थी। इन्हीं सब बातों को लेकर पूरे दिन लोगों में चर्चा बना रहा।