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बारिश से खेत और सड़कें बनी ताल-तलैया

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गहमर थाना रोड पर लगा बारिश का लगा जल जमाव में जाते लोग। - फोटो : GHAZIPUR
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गाजीपुर। बृहस्पतिवार की रात से शुरू हुई बारिश के कारण खेत ताल-तलैया बन गए हैं। कई जगह सड़कों पर पानी फैला हुआ है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी पानी लगा है। शहर से सटे बेसो नदी के बगल से गुजर रहे बाईपास पर बने गड़्ढ़ों में जहां जगह-जगह पानी भरा हुआ है, वहीं पुल के ऊपर भी पानी लगा है। पिछले 14 घंटे तक रूक-रूक कर हो रही धीमी और तेज बरसात ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। सड़क के गड्ढ़ों में पानी भरने से कई मार्गो पर चलना कष्टदायक हो गया है।
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नगर में गोराबाजार से पुलिस अधीक्षक आवास होकर रिवर्स बैंक जाने वाली सड़क तथा शास्त्री नगर से सिकंदरपुर जाने वाली सड़क पूरी तरह टूटी हुई है। बरसात के बाद इन सड़कों पर जलभराव होने से लोगों का चलना मुश्किल हो गया है। उधर जिला मुख्यालय से दस किमी दूर कठवा मोड के पास 200 मीटर तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर जलजमाव होने तथा सड़क के बीच विशाल गड्ढ़े होने की वजह से लोगों को घुटने पर पानी में होकर जाना पड़ रहा है। बाइक और छोटी गाड़ियों के पहिए तक पानी में डूब जा रहे हैं। ऐसे में यह स्थान काफी खतरनाक बना हुआ है। उधर कठवामोड से सहबाजकुली तक सड़क के बीच जगह-जगह गड्ढ़ों के होने से आना-जाना कष्टकारक हो गया है। लोग किसी तरह आ जा रहे हैं। उधर ग्रामीण इलाकों की कई सड़कों की स्थिति बद से बदतर हो गई है। पहली बारिश ने ही सड़कों कमी मरम्मत की पोल खोल दी है। खासकर रेवतीपुर-तिलवां-गोपालपुर मार्ग, मुहम्मदाबाद से कोटिया गांव जाने वाली सड़क, मुहम्मदाबाद से करीमुद्दीनपुर मार्ग, दिलदारनगर रेलवे स्टेशन मार्ग, गहमर रेलवे स्टेशन मार्ग व परिसर में बारिश का पानी लगा हुआ है। धर नगर पालिका परिषद द्वारा शहर में पानी निकासी के लिए नाले और नालियों की साफ-सफाई का काम किया था। नपा इसका दावा भी कर रही थी। लेकिन हकीकत इससे अलग दिखी। अभी भी कुछ गली मोहल्लों में नालियों की सफाई न होने से जलजमाव की स्थिति उत्पन्न् हो गई है। ऐसे में बारिश के बाद कचरा जाने से उनके चैंबर और मुख्य नालियां जाम हो गई हैं।
ईंट भट्ठा संचालकों को नुकसान
गाजीपुर। मानसून के पहले आने और लगातार रूक-रूक कर बारिश होने से ईंट भट्ठा उद्योग पर काफी असर पड़ा है। कोरोना संक्रमण और लाकडाउन की वजह से लंबे समय से बंद पड़े ईंट भट्ठा कारोबार कुछ दिन पहले ही चालू हो पाया था। भट्ठा संचालक इन दिनों तेजी से लगे थे कि 15 जून से पहले एक चक्र और ईंट पकाने के साथ पथेरी का काम भी करा लें। मानसून आने से पहले कारोबार को पटरी पर लाने के प्रयास में जुड़े थे। लेकिन बृहस्पतिवार को देर रात हुई झमाझम बारिश ने उनके सारे अरमानों पर पानी फेर दिया है। भट्ठा संचालाकों को लाखों का नुकसान हुआ है। एक पखवारा पहले भी आई आंधी पानी ने काफी क्षति पहुंचाने का काम किया था। अब रहीं सही कसर निसर्ग तूफान के असर ने पूरी कर दी है।
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