गाजीपुर। फर्म को चूना लगाकर दो लाख का गबन करने के लिए कर्मचारी ने लूट की फर्जी कहानी बनाई थी। उसने अपने एक साथी से मिलकर तानाबाना बुना था। यही नहीं जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो आरोपी कर्मचारी ने दूसरी कहानी इरजाद कर झोला गिरने की जानकारी दी। इस प्रकरण की जांच कर रहे खानपुर पुलिस और एसओजी की टीम ने कहानी के तह तक पहुंचकर 24 घंटे में ही पूरे रहस्य से पर्दा उठा दिया और दो लाख रुपये भी बरामद कर लिए। बृहस्पतिवार को एसपी डा. ओमप्रकाश सिंह ने पत्रकार वार्ता आयोजित पूरे मामले की जानकारी दी।
पुलिस कप्तान ने बताया कि बीते 15 सितंबर को विश्वनाथ यादव फर्म के संचालक एल्यूमिनियम वाराणसी का सेल्समैन अरविंद पटेल ने पुलिस को सूचना दी कि सैदपुर से बकाया का दो लाख रुपये लेकर लौटते समय सिधौना के इशोपुर के पास बाइक सवार बदमाशों ने तमंचा के बल पर लूट लिया। इस सूचना पर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। इधर एसपी सिटी गोपीनाथ सोनी थाने पहुंचे और लूट की हुई वारदात की छानबीन के लिए घटना स्थल पर पहुंचे और वहां आस-पास के लोगों से बात-चीत की। इस दौरान सेल्समैन द्वारा बताई गई सभी बात गलत निकली। इसके बाद सख्ती से जब पूछताछ की तो पता चला की बाइक से आते समय झोला कही गिर गया है। पुलिस को यह बात नहीं पची और एसओजी टीम के साथ छानबीन में जुट गई। छानबीन के दौरान पता चला कि वाराणसी जनपद के बड़ागांव थाना के सभइपुर निवासी सेल्समैन अरविंद पटेल ने ही शिवपुर थाने के चमाव गेट निवासी अपने साथी राजेश के साथ मिलकर पैसा गबन करने के लिए लूट की कहानी बनाई थी। पुलिस ने दोनों को सिधौना के पास से धर-दबोचा। पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म स्वीकार किया। साथ ही टीम ने आरोपी राजेश के पास से एक लाख और सेल्समैन की निशानदेही पर झाड़ी में छिपाकर रखा गया एक लाख रुपया बरामद कर लिया। गिरफ्तार करने वाली टीम में स्वाट प्रभारी श्याजी यादव, थानाध्यक्ष पन्ने लाल, उपनिरीक्षक नागेंद्र उपाध्याय, हेड कांस्टेबल रामभव, सर्विलांस सेल हेड कांस्टेबल संजय पटेल सहित अन्य शामिल थे।