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पहदरिया गांव में निष्पक्ष जांच न होने से ग्रामीणों में नाराजगी

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दुबिहां। बाराचवर विकास खंड के ग्राम पंचायत पहदरिया में वित्तीय वर्ष 2016- 17 में कराए गए विकास कार्यों में अनियमितता की शिकायत करने के बाद भी जांच नहीं कराई गई। इससे ग्रामीणों में नाराजगी है। शौचालय, नाली, खंड़जा और हैंडपंप के नाम पर ग्राम प्रधान और सचिव के धन में हेराफेरी की शिकायत गांव के तारकेश्वर सिंह तथा ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री समेत उच्चाधिकारियों से पूर्व में की थी। डीएम के जांच बैठाने के बाद भी निष्पक्ष जांच नहीं होने का आरोप लगाते हुए बुधवार को डीएम को पत्रक सौंपा गया। गांव में विकास कार्यो में बरती गइ अनियमितता की खबर को संज्ञान में लेते हुए जिलाधिकारी ने जांच बैठाई थी। जांच अधिकारी के रूप में कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा विपिन दुबे एवं सहायक विकास अधिकारी मिठाई लाल गुप्ता 14 अगस्त 2020 को पहुंचे थे। शिकायतकर्ता तारकेश्वर सिंह एवं ग्रामीणों का कहना है कि जांच अधिकारियों ने मौके पर न जाकर प्राथमिक विद्यालय में ही बैठकर जांच पूरी की। इतना ही नहीं ग्राम प्रधान को भी विद्यालय में ही बुलाया गया और बिना शिकायतकर्ता की बात सुने जांच में लीपापोती की गई। जिस पर शिकायतकर्ता और ग्रामीणों ने पुन: निष्पक्ष जाँच के लिए मुख्यमंत्री समेत जिलाधिकारी को पत्र भेजा। इसमें पुन: जाँच लघु सिचाई के सहायक अभियंता डीके मिश्रा को करने का आदेश डीएम ने दिया था। 30 दिसंबर को जाँच शुरु हुई, लेकिन जाँच की खानापूर्ति मात्र की गई। इससे आहत शिकायतकर्ता टीके सिंह, ओमप्रकाश सिंह, लल्लन सिंह, बनारसी और लक्ष्मण सिंह ने जाँच अधिकारी और प्रधान के खिलाफ जिलाधिकारी और मुख्यमंत्री के पोर्टल पर पुन: शिकायत दर्ज कराई है। जिलाधिकारी एमपी सिंह ने कहा कि सत्यता की जांच होगी और दोषियों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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