चकबंदी अधिकारियों की मनमानी और नियम विरुद्ध किए जा रहे कार्य के खिलाफ
शुक्रवार को जंगीपुर के जयंतीदासपुर गांव के ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा।
छात्रनेता विवेकानंद पांडेय के नेतृत्व में ट्रैक्टरों पर सवार होकर गांव
की महिलाएं और पुरुष जिला मुख्यालय पहुंचे और जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव
करते हुए धरना दिया। ग्रामीणों की शिकायत सुनने के बाद डीएम ने मामले की
जांच कराते हुए दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित कराने का
आश्वासन दिया तब ग्रामीण शांत हुए।
धरना सभा को संबोधित करते हुए
छात्र नेता विवेकानंद पांडेय ने कहा कि चकबंदी विभाग के अधिकारी मनमानी पर
उतारू हो गए हैं। अधिकारियों द्वारा सुविधाशुल्क लेकर मनमाने ढंग से चक
बैठाया जा रहा है। कई गरीबों को सड़क किनारे से हटाकर उनका चक नदी के
किनारे बैठा दिया गया है तो मुंहमांगी रकम मिलने पर कई लोगों को सड़कों
किनारे भूमि दी गई है।
इसको लेकर जयंतीदासपुर गांव के लोग परेशान हैं। इस
बाबत जनता दर्शन में शिकायती पत्र भी दिया गया था लेकिन कार्रवाई नहीं की
गई। ऐसे में मजबूर होकर ग्रामीणों को जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव करने पर
बाध्य होना पड़ा है। यही नहीं जयंतीदासपुर ग्राम सभा में न तो बच्चों के
पढ़ने के लिए स्कूल है और न ही खेल का मैदान।
पंचायत भवन और मैरेज हाल का
भी इंतजाम नहीं किया गया है, जिसकी वजह से ग्रामीणों को परेशान होना पड़
रहा है। रघुवर यादव ने कहा कि जयंतीदासपुर गांव में कुछ दबंग किस्म के
लोगों के इशारे पर ही चकबंदी की गई है। यदि बैठाए गए चकों को निरस्त नहीं
किया गया तो ग्रामीण उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
इसकी जिम्मेदारी जिला
प्रशासन की होगी। घेराव कार्यक्रम में छात्र नेता के साथ रुद्रमणि
त्रिपाठी, छोटे लाल यादव, बबलू कुशवाहा, अभिमन्यु सिंह, सुरेंद्र कुशवाहा,
रामजन्म यादव, गोरख बिंद, उमा बिंद, चंद्रबली यादव, विजाधर यादव, शिवकुमार
यादव, दुर्जन बिंद, राजेंद्र बिंद, इंद्रावती देवी, प्यासी देवी, सुरजी
देवी, धर्मा देवी, चुम्मन बिंद आदि उपस्थित थे।