परिषदीय विद्यालयों में अध्यापकों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग गंभीर है। जिलाधिकारी के निर्देश पर प्रभारी बेसिक शिक्षाधिकारी सीताराम ओझा ने गुरुवार को जिले के आठ विकासखंडों में क्रास चेकिंग
कराई। इस दौरान 22 अध्यापक अनुपस्थित मिले। उनका एक दिन का वेतन रोकने का निर्देश दिया गया।
प्रभारी बेसिक शिक्षाधिकारी सीताराम ओझा ने बताया कि रेवतीपुर ब्लाक क्षेत्र में जमानिया के खंड शिक्षाधिकारी के
निरीक्षण में एक अध्यापक अनुपस्थित मिला। बाराचंवर में कासिमाबाद और करंडा के शिक्षाधिकारी की ओर से की गई जांच में पांच तथा मनिहारी और नगर में की गई जांच में दो और एक अध्यापक अनुपस्थित मिले। प्रभारी बीएसए ने
बताया कि जमानिया में एबीएसए के निरीक्षण में तीन अध्यापक अनुपस्थित मिले। इसी तरह बिरनो में मरदह के खंड शिक्षाधिकारी के निरीक्षण में दो, सादात में मनिहारी के एबीएसए के निरीक्षण में तीन अध्यापक एवं एक अनुदेशक
अनुपस्थित पाया गया। कासिमाबाद में बाराचंवर के एबीएसए की तरफ से किए गए निरीक्षण में पांच अध्यापक अनुपस्थित मिले। श्री ओझा ने बताया कि निरीक्षण में अनुपस्थित मिले 22 अध्यापकों का एक दिन का वेतन रोकने
का निर्देश दिया गया है। खंड शिक्षाधिकारियों की ओर से चलाए गए निरीक्षण अभियान से हड़कंप मची रही।
प्रभारी बीएसए सीताराम ओझा ने गुरुवार को दिन में एक ही परिसर में स्थित प्राथमिक विद्यालय सकलेनाबाद एवं रेलवे का निरीक्षण किया। इस दौरान दोनों विद्यालयों में निर्धारित संख्या से कम छात्र पाए जाने पर उन्होंने नाराजगी
व्यक्त की। श्री ओझा ने बताया कि निरीक्षण के समय प्राथमिक विद्यालय सकलेनाबाद में 61 के सापेक्ष 1 तथा प्राथमिक विद्यालय रेलवे में 63 की तुलना में महज 4 बच्चे उपस्थित थे। विद्यालय में एमडीएम का चूल्हा ठंडा पाए
जाने पर नाराज प्रभारी बीएसए ने प्रधानाध्यापिका का एक दिन का वेतन रोकने का निर्देश दिया।