जखनिया रेलवे स्टेशन पर महिला प्रतिक्षालय में जमीन पर लेटा पुरूष यात्री। संवाद
गाजीपुर। जनपद के 26 रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन करीब 68,300 यात्री यात्रा करते हैं। इसके बावजूद यात्रियों के लिए बुनियादी सुविधाएं मुकम्मल नहीं हैं। कहीं शौचालयों पर ताला लटका मिला तो कहीं महिला प्रतीक्षालय में पुरुष यात्री आराम करते मिले। कई स्टेशनों पर पेयजल, पंखे और अन्य जरूरी सुविधाओं की स्थिति भी यात्रियों की परेशानी बढ़ाने वाली है।
जिले में वाराणसी-छपरा, वाराणसी-मऊ और दिल्ली-हावड़ा तीन रेलखंड हैं। इन पर दो जंक्शन, 16 रेलवे स्टेशन और शेष हॉल्ट हैं। जंक्शन से लेकर रेलवे स्टेशन और हॉल्ट तक यात्री सुविधाओं की स्थिति चरमराई हुई है। इसका सीधा खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है।
यात्री सुविधाओं की लचर स्थिति का सबसे अधिक असर महिला और बीमार यात्रियों पर पड़ता है। कहीं नल की टोटियां टूटी हैं तो कहीं शौचालयों पर ताले लटके हैं। कई जगह पंखों का अभाव है।
औड़िहार जंक्शन पर कोच इंडीकेटर नहीं होने से यात्रियों को ट्रेन आने के बाद अपना कोच ढूंढने में परेशानी होती है। वहीं कई स्टेशनों पर रैंप जैसी जरूरी सुविधाएं भी नहीं हैं।
जखनिया रेलवे स्टेशन पर महिला प्रतिक्षालय में जमीन पर लेटा पुरूष यात्री। संवाद
जखनिया रेलवे स्टेशन पर महिला प्रतिक्षालय में जमीन पर लेटा पुरूष यात्री। संवाद
जखनिया रेलवे स्टेशन पर महिला प्रतिक्षालय में जमीन पर लेटा पुरूष यात्री। संवाद
जखनिया रेलवे स्टेशन पर महिला प्रतिक्षालय में जमीन पर लेटा पुरूष यात्री। संवाद