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Ghazipur News: रिमझिम बारिश से खिले किसानों के चेहरे, गेहूं-जौ के लिए फायदेमंद

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गाजीपुर। रविवार की रात से सोमवार की सुबह तक रिमझिम बारिश होती रही। रिमझिम बारिश से किसानों के चेहरे खिल गए। किसानों के अनुसार बारिश खेती-किसानी के लिए काफी फायदेमंद है। विशेष रूप से गेहूं-जौ की फसल के लिए।
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जिला मुख्यालय की अपेक्षा मुहम्मदाबाद में बारिश 45 मिलीमीटर दर्ज की गई। जबकि जिला मुख्यालय पर सात से आठ मिमी बारिश हुई। सोमवार को अधिकतम तापमान 22.3 और न्यूनतम तापमान 15.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पश्चिमी हवा छह किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलती रही। वहीं रविवार की रात्रि से रिमझिम बारिश शुरू हुई। रिमझिम बारिश का यह दौर सोमवार की सुबह तक जारी रहा। बारा : किसानों का कहना है कि हल्की बारिश मौसमी फसल के लिए खासकर गेहूं, जौ आदि के लिए लाभदायक है।
देवकली : आसपास के क्षेत्रों में बारिश होने से गेंहू सहित अन्य फसलों को काफी लाभ हुआ है। दूसरी तरफ बारिश होने के कारण ठंड में थोड़ी सी इजाफा हो गई। भीमापार : क्षेत्र में बारिश होने के कारण दलहन और तिलहन की फसल को नुकसान होने का आसार है। किसान अरविंद सिंह ने बताया कि बारिश गेहूं की फसल के लिए रामबाण है। सरसों, चना, मटर, मसूर को थोड़ा नुकसान हो सकता है।
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औड़िहार : सैदपुर क्षेत्र में झमाझम बारिश हुई। सैदपुर में खरीदे गए धान का गोदाम पुराने आलू शीतगृह में बनाने के कारण धान सुरक्षित रहा। करीमुद्दीनपुर : बारिश से अरहर और आलू की फसल को नुकसान पहुंचने की संभावना है। साथ ही ईंट उदयोग को भी नुकसान पहुंचने की संभावना है। अरहर की फसल, जिसमें फूल फल लग रहा है, उसको नुकसान पहुंचने की संभावना है। ईंट भट्ठों पर ईंट की पथाई का कार्य शुरू हो गया है, जिससे इस उद्योग को नुकसान पहुंचा।

बारिश से कीचड़युक्त हो गईं नगर की सड़कें
गाजीपुर। नगर में इन दिनों सीवर पाइप बिछाने को लेकर खोदाई का कार्य चल रहा है। बारिश के कारण नगर की अधिकांश सड़कें कीचड़युक्त हो गईं। इसके कारण नागरिकों को आवागमन में काफी दुश्वारियों का सामना करना पड़ा। कई लोग कीचड़युक्त सड़कों पर फिसलकर गिर गए।

रबी की फसलों की निगरानी जरूरी
गाजीपुर। कृषि विज्ञान केंद्र पीजी कॉलेज के मौसम वैज्ञानिक कपिलदेव शर्मा ने बताया कि मौजूदा मौसम को देखते हुए आलू, मटर, धनिया आदि रबी की फसलों में रोग और कीटों को लेकर निगरानी करने की जरूरत है। गेहूं की फसल में दीमक का प्रकोप होने पर दो लीटर लिंडेन अथवा क्लोरपाइरिफास को दो लीटर पानी में 20 किग्रा रेत के साथ मिलाएं तथा गेहूं की खड़ी फसल में छिड़काव करें। इसके बाद सिंचाई करना चाहिए। मिर्च की फसल में थ्रिप्स कीट की निगरानी करना चाहिए।

रविवार की रात व सोमवार को हुई बारिश गेहूं की फसल के लिए संजीवनी का काम करेगी। समय से बारिश हुई है। सभी किसान सिंचाई करने की तैयारी में थे। इससे बहुत ही बचत हुई।- श्रीनारायण पांडेय, किसान बारा


गेहूं की फसल के लिए यह बारिश लाभकारी है। इससे हर किसान को लाभ हुआ है। यह गेहूं के अलावा दलहनी फसल के लिए भी बहुत कारगर साबित होगा। - दिलशाद खां कल्लू, किसान बारा
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