गाजीपुर। परंपरा के अनुसार हर वर्ष की तरह इस बार भी दशहरा के दूसरे दिन अति प्राचीन रामलीला कमेटी हरिशंकरी की ओर से सकलेनाबाद में रविवार की रात ऐतिहासिक भरत मिलाप का आयोजन किया गया। मेले में पहुंचे लोग रात 12 बजे 14 वर्षों बाद चारों भाइयों के मिलन के साक्षी बनते हैं। यह नयनाभिराम दृश्य देख वहां मौजूद श्रद्धालुओं की आंखें डबडबा गईं। शाम 6 से श्रीराम चबूतरा हरिशंकरी से चलकर मुख्य मार्ग पर आने के बाद भरत रथ पर विराजमान होकर झुन्नुलाल चौराहा पर पहुंचे। एक घंटे तक भजन कीर्तन के बाद आम घाट स्थित काली, शिव मंदिर पर आए। यहां भी एक घंटे तक भजन कीर्तन का दौर चला। महिला डिग्री कॉलेज महुआबाग के रास्ते सकलेनाबाद की ओर बढ़े। जैसे-जैसे राम-भरत मिलाप का समय करीब आता गया लोगों की भीड़ सकलेनाबाद मोहल्ला स्थित कार्यक्रम स्थल की तरफ बढ़ती गई। नौ बजते-बजते मेला स्थल पूरी तरह लोगों से पट गया था। वहां घूम रहे लोगों को चारो भाइयों के मिलन का इंतजार था। एक तरफ सैकड़ों लोग जहां सड़क पर आ-जा रहे थे, वहीं सड़क के किनारे स्थित मकानों की छतों एवं बारजों पर लोग खड़े होकर इस अविस्मरणीय पल का इंतजार कर रहे थे। रात करीब 12 बजे जैसे ही लोगों के कानों में गाजे-बाजे की आवाज पहुंची और भगवान श्रीराम रथ पर आते दिखाई दिए, लोग खुशी से झूम उठे। भगवान राम, लक्ष्मण और हनुमान जैसे ही रथ से उतरकर मंच पर पहुंचे। सभी की नजरें चारो भाइयों पर टिक गई। भाइयों का मिलन देख लोगों की आंखें भर गईं। लोगों ने जय श्रीराम का जयघोष करने के साथ ही चारो भाइयों पर पुष्प की वर्षा की। श्रद्धालु तब तक भाइयों को निहारते रहे, जब तक वह मंच से उतरकर रथ से रवाना नहीं हो गए। कमेटी के सदस्यों सहित अन्य लोगों ने चारो भाइयों की आरती उतारी। कमेटी के कार्यवाहक अध्यक्ष विनय सिंह, मंत्री ओमप्रकाश तिवारी उर्फ बच्चा सहित अन्य पदाधिकारी देर रात तक लीलास्थल पर डटे रहे।
रथ पर सवार होकर पहुंचे अयोध्या, सिंहासन पर हुए विराजमान
गाजीपुर। भरत मिलाप के बाद भगवान राम, माता सीता, तीनों भाइयों भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न हनुमान के साथ रथ पर सवार होकर अयोध्या पहुंचे और सिंहासन पर विराजमान हुए। इस दौरान करीब 5100 दीपों से अयोध्या जगमगा गई।भरत मिलाप के बाद पहाड़ खां के पोखरे से गाजे-बाजे के साथ भगवान ने रथ पर अयोध्या के लिए प्रस्थान किया। महुआबाग, आमघाट, झुन्नूलाल का चौराहा होते हुए रथ हरिशंकरी (अयोध्या) में पहुंचा। रास्ते में हाथों में फूल-माला लिए श्रद्धालु भगवान के आने की प्रतीक्षा कर रहे थे। जैसे ही रथ उनके पास पहुंचता लोग जय श्रीराम का जयघोष करते हुए उन पर पुष्प वर्षा कर रहे थे। कई श्रद्धालु अपने घरों की छतों-बारजों पर खड़े होकर जयघोष के साथ चारों भाइयों पर फूल बरसा रहे थे, जिससे आसपास का का माहौल पूरी तरह से राममय हो गया था। कई श्रद्धालुओं ने भगवान श्री राम और माता सीता का पैर छूकर आशीर्वाद प्राप्त किया। जैसे ही भगवान का रथ अयोध्या पहुंचा, अयोध्यावासियों में खुशी की लहर दौड़ गई। वह भगवान के स्वागत के लिए उमड़ पड़े। चारो तरफ खुशी का माहौल व्याप्त हो गया। इस मौके पर आयोजित मेले का लोगों ने जमकर आनंद उठाया।